डेढ़ लाख महिलाओं पर एक सार्वजनिक शौचालय

आरटीआई से मिली जानकारी
हरियाणा सूचना अधिकार मंच के संयोजक सुभाष कुमार ने राज्य भर के शहरों में महिलाओं के लिये बनाये गये सार्वजनिक शौचालयों के संबंध में मुख्य सचिव हरियाणा से जानकारी मांगी थी। जो जानकारी सामने आई वह चौंकाने वाली थी। मंच के संयोजक के अनुसार हरियाणा की एक करोड़ से भी ज्यादा महिला आबादी के लिए राज्य में लगभग 80 सार्वजनिक शौचालय हैं। यानि डेढ़ लाख महिलाओं पर एक सार्वजनिक शौचालय।
नगर निगम ने नहीं दी जानकारी
सूचना अधिकार कार्यकर्ता के अनुसार मुख्यमंत्री के गृह जिले रोहतक शहर, झज्जर, महेंद्रगढ़, सोनीपत, रेवाड़ी, सिरसा, करनाल, कुरूक्षेत्र व अंबाला शहर में जो भी महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय हैं उनकी न तो जनता को जानकारी है और न ही उनकी स्थिती अच्छी है। रोहतक शहर के नगर निगम ने तो शहर में स्थित सार्वजनिक शौचालय के संबंध में कोई जानकारी ही नहीं दी। इसके अलावा तहसीलों व ब्लाकों में ता हालत इससे भी बदत्तर है। रोहतक के महम, सांपला, व कलानौर में कोई भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है।
जनसूचना अधिकारी तलब
राज्य सूचना आयोग हरियाणा ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा के राज्य सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपील अधिकारी कम उपनिदेशक को हरियाणा सूचना अधिकारी मंच के संयोजक सुभाष की अपील पर एक सितंबर को सूचना आयोग में तलब किया है। आयोग ने यह भी आदेश दिया है कि 4 अगस्त तक मंच संयोजक सुभाष द्वारा मांगी गई सारी सूचना उन्हें उपलब्ध करवा दी जाएं। साथ ही आवेदक को सूचना न मिलने की स्थिति में 18 अगस्त को आयोग में रिज्वाईंडर देने को कहा है।
मुख्य सचिव कार्यालय ने मंच संयोजक की सूचना आवेदन को हरियाणा शहरी स्थानीय विभाग को भेज दिया था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने आवदेन को सभी जिलों की नगरपालिकाओं और नगर निगमों को भेज कर आवेदक को सूचना उपलब्ध करवाने को कहा। सूचना न मिलने पर सूचना अधिकारी कार्यकर्ता ने 14 फरवरी को इस संबंध में प्रथम अपील की, लेकिन प्रथम अपील अधिकारी ने किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं की और न ही अपील प्राप्त होने की जानकारी दी।












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