राम मंदिर छोड़ गंगा को मुद्दा बनाने में जुटी भाजपा

उन्होंने कहा कि गंगा के लिए सभी को कुछ न कुछ छोडग़ा होगा मैने अन्ना छोड़ा है। उन्होंने सभी से अपील की जनसंकल्प के द्वारा ही गंगा को पचास वर्ष पूर्व जैसा निर्मल व स्वच्छ बनाया जा साकता है। जहां एक ओर भाजपा इसे जनसेवा व देशसेवा जैसी शब्दों से सुशोभित कर रही है वहीं बसपा से भारतीय जनता पार्टी का चुनावी स्टंट करार दे चुकी हैं। बसपा ने कहा कि जब पूर्व में भाजपा की सरकार थी उस वक्त पार्टी को गंगा की याद क्यों नहीं आयी उस वक्त तो गंगा नदी पर किसी ने ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा अब अचानक गंगा की याद आ गयी है। भाजपा विरोधियों का कहना है कि अयोध्या मुद्दा अब पुराना हो चुका है और लोगों को रूझान भी उस ओर नहीं रहा। पार्टी एक ऐसा मुद्दा तलाश रही है जिसके सहारे वह जनता को धर्म के आधार पर अपनी ओर लाने का प्रयास करे और इसके लिए गंगा से बढ़कर कोई अन्य मुद्दा तो मिल नहीं सकता है।
उमा भारती के इस मुद्दे पर सामने आने के बारे में विरोधी कहते हैं कि पार्टी के पास उमा भारती के रूप में एकमात्र ऐसा नेता है जो साधु सन्यासियों के सामने अपनी बात रख सकतीं हैं क्योंकि उनकी छवि एक साध्वी की है और यदि वे धर्म व अध्यात्म की बात करें तो कोई उन पर उंगली नहीं उठा सकता है। हालांकि पार्टी के अन्य नेता उनके इस काम में उनके पीछे अवश्य खड़े दिखायी पड़ेंगे। इस काम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साही तो उमा भारती के साथ कदम-कदम पर दिखायी पड़ रहे हैं जबकि पार्टी से मिल रही सूचनाओं के आधार पर पता चला है कि नेता नेतृत्व में अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी इस अभियान में उमा भारती के साथ जाने को कहा है।












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