50 हजार का इनामी बदमाश अमित मलिक पकड़ा गया

यूपी पुलिस ने इस पर 50 हजार और उत्तराखंड पुलिस ने 20 हजार का इनाम रखा हुआ था। इसके कब्जे से देशी कट्iटा और पांच कारतूस बरामद किया है। इसके खिलाफ, हत्या, दोहरे और तिहरे हत्याकांड, लूटपाट और हत्या के प्रयास के 40 मामले दर्ज हैं।
मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने उसे कालेखां बस अड्iडे के पास गिरफ्तारकिया । अमित गांव सिरनावाली, फूगना, मुजफ्फरनगर (यूपी) का रहने वाला है। अमित फरवरी, ११ में उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी से उस समय फरार हो गयाथा जब उसे दिल्ली की एक कोर्ट में पेश करने के लिए लाया जा रहा था।
2001 में वह मुजफ्फरनगर स्थित मदरलैंड पब्लिक स्कूल में दसवीं का छात्रथा। इस वर्ष इसका मोबाइल दुकानदार विनीत कुमार से मोबाइल खरीदने को लेकरझगड़ा हो गया था। इसके बाद इसने साथियों के साथ विनीत की बाइक छीन ली थी।इस मामले में मुजफ्फरनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद इसने वर्ष 2002 में बिट्iटू और नीतू कैल (दोनों पुलिस मुठभेड़ में
मारे गए) के गिरोह में शामिल हो गया।
इसके बाद विनीत की दिनदहाड़े हत्याकर दी। इसके बाद साथी पुष्पेंद्र, अनिल बाहरी, राजीव भूरा, हरीश व मनोज के साथ इसने हत्या की कई वारदात की। इसके बाद वर्ष २००२ में कैल गांव केउदयवीर काला की हत्या कर दी थी।
उदयवीर की बिटटू और नीतू से दुश्मनी थी। उदयवीर की हत्या के बाद यूपीपुलिस ने उसके बेटे सुरेंद्र और बहु को सुरक्षा मुहैया कराई। इसके बावजूद भूरा और उसके साथियों ने सुरेंद्र की हत्या कर दी। घटना के वक्त यूपी पुलिसकर्मी सुरेंद्र के साथ था। वर्ष 2004 में इन्होंने दूसरे गैंगस्टर
धर्मेंद्र पर आधुनिक हथियारों से हमला किया था। इस हमले में धर्मेंद्र तो बच गया मगर दिनदहाड़े हुए इस शूटआउट में उसके पिता, चाचा, भाई, बहु की मौत हो गई थी।
वर्ष 2008 में इसने मोनू और चिकारा के साथ नोएडा में यूपी पुलिस के सिपाही से कारबाइन छीनने का प्रयास किया। इस मामले में जेल से
बाहर आने के बाद इसने गाजीपुर टोल टैक्स से 20 लाख रुपये की लूटपाट की थी। इसने साथियों के साथ रामपुर, शहाबाद स्थित शुगर मिल के 72 लाख लूटे थे।












Click it and Unblock the Notifications