मरा नहीं अभी जिंदा है खतरनाक आतंकी मुल्ला उमर, अमरीका ने साधा संपर्क

पाकिस्तानी अखबार की मानें तो तालिबान के पूर्व प्रवक्ता अब्दुल हनीफ उर्फ अब्दुल हकीक ने मुल्ला उमर और अमरीका के बीच संपर्क सूत्र का काम किया है। डॉ हनीफ को अमरीका और अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने जून 2007 में गिरफ्तार किया था। अक्टूबर 2005 में अब्दुल लतीफ हकीमी की गिरफ्तारी के बाद तालिबान का प्रवक्ता बनाया गया था।
अखबार में प्रकाशित खबरों की मानें तो अमरीका ने तालिबान से कई बार बातचीत की कोशिश की लेकिन एक बार भी अफगानिस्तान और पाकिस्तानी सरकार को इसमें शामिल नहीं किया। रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका दक्षिणी अफगानिस्तान तालिबान को देने को तैयार है लेकिन उत्तरी इलाका वह अपने प्रभाव वाले राजनीतिक दलों के कब्जे में रखने का इच्छुक है। हालांकि तालिबान ने अमरीका के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
आईएसआई के पूर्व चीफ जनरल हामिद गुल ने कहा है कि तालिबान ऎसे किसी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा जिससे देश के विभाग का खतरा पैदा हो। हालांकि काबुल में पाकिस्तान के एक राजनयिक के मुताबिक अमरीका और तालिबान के बीच बातचीत के अच्छे परिणाम निकलेंगे क्योंकि तालिबान को पता है कि अमरीकी फौज के रहते हुए वह अफगानिस्तान पर कब्जा नहीं कर सकता जबकि अमरीका को भी पता है कि वह तालिबान का पूरी तरह खात्मा नहीं कर सकता।












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