बाबा रामदेव और सुषमा स्वराज के बीच हुई बंद कमरे में गुपचुप मीटिंग

चहल पहल के माहौल में तीन घंटे बाद जब बाबा दिखाई दिये तो उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रमेश पोखरीयाल निशंक और वरिष्ठ विपक्ष नेता सुषमा स्वराज को देखा गया। सूत्रों का कहना है कि उनकी गुप्त बैठक चल रही थी जिसके चलते बाबा गुप्त जगह पर गये थे। आज सुबह अचानक बाबा की तबियत बिगड़ने लगी तो फौरन उनके समर्थक उन्हें कार से लेकर नोएडा भाग गये। बाबा की बात करें तो उन्हें सिर्फ कार की पीछली सीट पर लेटा हुआ देखा गया। रामदेव के स्वास्थ्य की जांच के बाद डॉक्टरों की टीम ने बाबा को तुरंत अनशन खत्म करने की सलाह दी है।
पूरे मामले में मुख्य बात यह है कि बाबा रामदेव का हार्ट रेट बढ़ रहा है, उनका वजन एक किलो कम हो गया है। रामदेव को डि-हाईड्रेशन की भी शिकायत है। डॉक्टरों ने बाबा को आज की डेडलाइन दी है कि वो अपना अनशन खत्म कर दें। इसके बाद भी बाबा रामदेव अनशन तोड़ने को तैयार नहीं है।












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