एनएचआरसी और महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट

महिला आयोग ने तो यहां तक कहा है कि बाबा रामदेव के समर्थन में आई महिलाओं पर पुलिस ने गलत तरीके से कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान महिलाओं के कपड़े तक फाड़ दिए गए। महिलाओं के साथ महिला पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी। पुलिस में महिला कांस्टेबल मौजूद होने के बावजूद महिलाओं को हटाने के लिए पुरुष कांस्टेबल लगाए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने मासूम लोगों की बहुत बुरी तरह से पिटाई की है। जिन लोगों को पीटा गया है उनमें से कई लोग मौत से लड़ रहे हैं। पुलिस ने इन लोगों को हटाने के लिए बातचीत का रास्ता क्यों नहीं अपनाया।
महिला आयोग ने कहा है कि डंडे बरसाते समय पुलिस यह नहीं देख रही थी कि सामने महिला है या पुरुष। पुलिस ने सबकी एक लाइन से पिटाई की है। इस रिपोर्ट में आयोग ने उस महिला का जिक्र भी किया है इस कार्रवाई में चोटिल होने के बाद अस्पताल में भर्ती है। शरीर के पछिले हिस्से में चोट लगने की वजह से वह जिंदगी और मौत से जूझ रही है।












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