आबिए पर उत्तरी सूडान का कब्ज़ा

खारतूम स्थित सूडान के सरकारी टीवी चैनेल ने कहा है कि उत्तरी सूडान की सेना ने आबिए से "दुश्मन फ़ौजो को मार भगाया" है. संयुक्त राष्ट्रसंघ के एक अधिकारी ने इसकी पुष्ठि की है. अधिकारी ने कहा कि ये एक "अहम घटना" है.
;तेल के भंडार वाले इस विवादित इलाक़े में हुई घटना एक नए गृह युद्ध की शुरूआत में बदल सकती है. दक्षिणी सूडान जुलाई में स्वतंत्र हो जाएगा. लेकिन उत्तरी और दक्षिणी सूडान दोनों आबिए पर दावा करते हैं. खारतूम में मौजूद बीबीसी संवाददाता जेम्स कोपनल का कहना है कि सबसे अहम सवाल ये है कि लड़ाई बंद हो गई है या ये एक नए गृह युद्ध का प्रारंभ है?
;उत्तरी सेना के एक जनरल अहमद अबदुल्ला ने कोपनल से कहा है कि उनकी सेना आबिए के दक्षिण में मौजूद नदी तक के क्षेत्र को नियंत्रण मे लेगी. उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों के विभाजन के लिए हाल में ही जनमतसंग्रह हुआ है. सुंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक टीम इस समय सूडान में है और वो सोमवार को आबिए का दौरा करने वाली है.
;दोनों क्षेत्रों की सेनाओं के बीच ताज़ा ल़ड़ाई गुरूवार को शुरू हुई जब उत्तरी सूडान की सेना ने दावा किया कि दक्षिण में किए गए हमले में उसके 22 सैनिक मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना को "आपराधिक आक्रमण" बताया और अमरीका ने दक्षिणी सूडान से इसका "ब्योरा" तलब किया था.
;अमरीका ने कहा है कि हमला उत्तरी और दक्षिणी सूडान के बीच जनवरी में हुए उस समझौते के ख़िलाफ़ है जिसमें आबिए से "सभी अनाधिकृत सेनाओं" को हटाने पर सहमति बनी थी. दक्षिणी सूडान की सेना ने घटना के लिए ज़िम्मेदारी से इंकार किया था. उत्तरी सूडान ने कहा था कि वो इस हमले का जवाब पूरी ताक़त से देगा और उसने तोपों और एक बड़ी सेना के साथ हमला बोला. पर्यवेक्षकों ने पहले भी कहा था कि आबिए का विवाद दोनों क्षेत्रों की सेनाओं बीच झगड़े की वजह बना रह सकता है.












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