किसानों के साथ झड़प में पुलिस जवान की मौत

पुलिस का कहना है कि पुलिस जवान और ज़िलाधीश दोनों को किसानों की गोली लगी. वैसे वहाँ मौजूद पुलिस जवानों का कहना है कि उनके एक से अधिक साथी मारे गए हैं. जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसमें कई किसान भी घायल हुए हैं.
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर ज़िले के भट्टा परसौल गाँव में ये हादसा हुआ जहाँ हाँ नई सड़क बननी है जिससे लिए ज़मीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. किसान गत 17 जनवरी से उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं. घटनास्थल पर पहुँचे बीबीसी संवाददाता राजेश जोशी के अनुसार वहाँ तनाव का माहौल है और पुलिस छावनी जैसा दृश्य दिख रहा है.
उनका कहना है कि जिस शामियाने के नीचे किसान धरना दे रहे थे उसमें आग लगी हुई है और कई मोटरसाइकिलें जली हुई दिख रही हैं. उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा है कि किसानों की ओर से भी लंबे समय तक गोलीबारी होती रही. इस बीच कांग्रेस ने राज्यपाल से राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है.
अधिकारियों का कहना है कि वहाँ सड़क परिवहन विभाग के तीन अधिकारी शुक्रवार को ज़मीन मापने के लिए पहुँचे थे जिन्हें ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था. इलाहाबाद के पास रेल पटरी पर बैठी कृषक महिलाएँ
इसके बाद शनिवार को पुलिस, प्रॉविन्शियल आर्म्ड कॉन्टैबुलैरी (पीएसी) और दंगा रोधी दस्ते के जवान प्रशासन के अधिकारियों के साथ वहाँ पहुँचे थे. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अधिकारियों ने कहा है कि वहाँ किसानों की भीड़ ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया.
उनका आरोप है कि किसान लाठियाँ लिए हुए थे और यहाँ तक कि उन्होंने गोलियाँ भी चलाईं. टेलीविज़न पर कई किसानों को पुलिस जवानों को घेरकर लाठियों से पिटाई करते हुए देखा गया. पुलिस का कहना है कि किसानों की गोली से एक पीएसी जवान मारा गया और उन्हें समझाने बुझाने गए ज़िलाधीश दीपक अग्रवाल को भी गोली लगी. ज़िलाधीश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.
ज़िलाधीश की स्थिति स्थिर बताई गई है. पुलिस का कहना है कि कई और जवान इस झड़प में घायल हुए हैं लेकिन फ़िलहाल उनकी संख्या के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. बंधक बनाए गए राजपरिवहन के अधिकारियों में से एक के भाई ने बीबीसी संवाददाता को बताया कि वे किसानों के चंगुल से तो निकलने में सफल हो गए हैं लेकिन वे गाँव में कहीं छिपे हुए हैं और अपने को बचा लेने की गुहार लगा रहे हैं.












Click it and Unblock the Notifications