असंतोष के बीच सपा के 58 और प्रत्याशी घोषित

सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि पार्टी की प्रादेशिक इकाई के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, सीतापुर, हरदोई, कानपुर, झांसी, इलाहाबाद, वाराणसी, बाराबंकी तथा फैजाबाद समेत अनेक जिलों की विभिन्न 58 सीटों पर सपा के प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है।
पार्टी इससे पहले अपने 212 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है और आज जारी सूची को मिलाकर यह दल अब तक कुल 403 में से 270 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर चुकी है। श्री चौधरी ने बताया कि सपा के बाकी प्रत्याशियों के नाम भी जल्द ही घोषित किए जाने की संभावना है ताकि उन्हें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनकी तैयारियों के लिए मौका मिल सके।
वहीं सपा ने गहन मंथन व समीकरणों को बिठाते हुए विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन किया, बावजूद इसके पहली सूची जारी होते ही पार्टी में विवाद शुरू हो गया था। पार्टी में यह असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। सपा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा जारी की गयी सूची में कई नये चेहरों को भी प्राथमिकता दी गयी है जिनकों लेकर भ्रम और विवाद की स्थिति दिखाई पड़ रही है, लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रत्याशियों की सूची जारी होने पर इस तरह के मामूली विवाद होते रहते हैं इन्हे सुला लिया जायेगा।
सहारनपुर से विधायक इमरान मसूद ने खुलकर कहा कि उनकी सीट से लगे क्षेत्र में प्रत्याशी चयन में उनके सुझाव को नजरअन्दाज किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता रशीद मसूद के भतीजे इमरान ने चेतावनी दी कि यदि उनके सुझाव को नही माना गया तो वह अपना भी टिकट वापस कर सकते हैं। इमरान साहब सिंह सैनी को बेहट क्षेत्र से चुनाव लड़वाने के पक्षधर है।
इमरान ने कहा कि मैं उमरखान को बेहट सीट से प्रत्याशी स्वीकार नही करूगां। वह बाहरी है और चुनाव नही जीत सकते। पार्टी को चाहिए कि साहब सिंह सैनी को प्रत्याशी बनाये। श्री सैनी अति पिछडे वर्ग से हैं और स्थानीय निवासी है। इस बीच पार्टी उपाध्यक्ष और संसदीय बोर्ड के सदस्य सांसद रशीद मसूद ने भी प्रत्याशी चयन को लेकर सवालिया निशान लगाया है। उनका आरोप है कि संसदीय बोर्ड के अनुमोदन के बगैर प्रत्याशी घोषित किए गए।












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