अन्ना हजारे के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन व आईएसी में ठनी

आईएसी का कहना है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षकों और छात्रों की श्री हजारे से सीधी बातचीत का कार्यक्रम लगभग तय था लेकिन विवि ने इस रदद किए जाने की बात कही। विवि प्रशासन ने भले ही कोई बहाना बनकार कार्यक्रम रदद किया हो लेकिन सच्च्चाई यह है कि सरकार के दबाव मेंं ऐसा किया गया। आईएसी चाहता है कि श्री हजारे का कार्यक्रम हर हाल में किया जाए। संस्था सदस्य कहते हैं कि यदि प्रशासन उन्हें रोकना ही चाहता है तो गिरफ्तार किया जा सकता है।
आईएसी चाहता था कि अन्ना व छात्रों के मध्य बात हो ताकि समाज में एक स्वच्छ संदेश जाए लेकिन विवि प्रशासन ने बहाना बनाकर कन्नी काट ली। हालांकि इसके बाद सिटी मॉन्टेसरी के सभागार में कार्यक्रम तय किया गया लेकिन अब सरकार सीएमएस पर कार्यक्रम रदद किए जाने को लेकर दबाव बढ़ा रही है।
ज्ञात हो कि पांच अप्रैल को आईएसी के कार्यकर्ताओं ने पांच दिन का उपवास किया था उस वक्त भी प्रशासन की अनुमति नहीं ली गयी थी। सदस्य कहते हैं कि राज्य सरकार ने झूलेलाल पार्क को धरना स्थल घोषित किया है और वहां प्रदर्शन करने में किसी अनुमति की जरूरत नहीं है।
यदि सरकार अनुमति को जरूरी मानती है तो संगठन के कार्यकर्ता इस औपचारिकता को भी पूरा करने को तैयार हैं। संस्था के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से बात की लेकिन कोई संतोषजनक उत्त्तर नहीं मिला। संस्था का कहना है कि राज्य सरकार को यह बात पता होनी चाहिए कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री मायावती ने भी श्री हजारे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान का समर्थन किया है। ऐसे में इस प्रकार कार्यक्रमों पर रोक लगाना तथा आयोजकोंं पर दबाव बनाया जाना गलत है। तमाम मुश्किलों के बाद भी आयोजकों ने कार्यक्रम करने की ठान ली है।












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