चिंता ना करें गडकरी, मंदिर निर्माण का जिम्मा विहिप का

फैजाबाद में एक कार्यक्रम के सिलसिले में आए भाजपा अध्यक्ष श्री गडकरी ने रामलला के दर्शन के उपरान्त कहा था कि यदि मस्जिद का निर्माण पंच कोसी परिक्रमा की परिधि के बाहर हो जाये तो उनकी पार्टी को कोई एतराज नहीं होगा।
इस बयान से गडकरी भले ही कुछ समुदाय के लोगों को अपनी ओर मिलाना चाहते हों परन्तु विहिप ने इस पर उन्हें आड़े हाथों लिया। विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए कहा कि वर्ष 1994 में संतो ने तय कर लिया था कि मस्जिद का निर्माण अयोध्या के सांस्कृतिक सीमा के बाहर ही हो सकता है। विहिप के संत अपने उसी बयान पर टिके हैं।
विहिप का कहना है कि साधु संतों ने दूसरे पक्ष को चौदह कोसी परिक्रमा के बाहर सहनवां में मस्जिद निर्माण का प्रस्ताव देते हुए कहा था कि यदि वहां मस्जिद निर्माण किया जाए तो संत भी सहयोग करेंगे। ज्ञात हो कि सहनवां में ही बाबरी मस्जिद के मुतवल्ली का घर है। हालांकि मुतवल्ली का पांच वर्ष निधन हो चुका है परन्तु उनके परिजन अभी भी सहनवां में रहते हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि मस्जिद निर्माण के लिए यह प्रस्ताव भी था कि यदि मुस्लिम पक्ष चाहे तो सरयू नदी के पार मस्जिद निर्माण कर ले। विहिप ने साफ किया मंदिर मुद्दे पर संतों का नजरिया पहले से ही तय है। इसमें किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि गडकरी को मालूम होना चाहिए कि पूरब में परिक्रमा मार्ग श्री रामलला विराजमान स्थल से 500 मीटर की दूरी पर है, पश्चिम में दो किलोमीटर, उत्तर में एक किलोमीटर तथा दक्षित में करीब तीन किलोमीटर तो क्या श्री गडकरी चाहते हैं कि मस्जिद का निर्माण वहां पर किया जाए। संत रामलला से इतने नजदीक मस्जिद निर्माण को किस प्रकार स्वीकार कर सकते हैं।












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