अब यूपी में भ्रष्टाचार की पोल खोलेंगे अन्ना हजारे
राजनीतिक दलों खासकर विपक्ष ने श्री हजारे से राज्य में भी मुहिम चलाने का आग्रह किया है। विपक्ष का कहना है कि श्री हजारे को बसपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए। हालांकि मुख्यमंत्री मायावती ने भी हजारे की मुहिम को अपना समर्थन दिया है। श्री हजारे का कार्यक्रम पूरी तरह गैर राजनीतिक रखा जा रहा है। श्री अन्ना 29 अप्रैल को वाराणसी में एक सभा का अपने मुहिम की प्रदेश में शुरुआत करेंगे। उसके बाद सुलतानपुर में जनसभा और फिर 1 मई को लखनऊ के चौक स्थित ज्योतिबाफुले स्टेडियम में जनसभा होगी।
राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने श्री हजारे को उत्तर प्रदेश में आमंत्रित करने सबसे पहले पहल की। लोगों ने उनके आमंत्रण को राजनीति का एक हिस्सा करार दिया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले अन्ना हजारे से आग्रह किया था कि वे यहां आये और बसपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ें। श्री यादव का कहना है कि श्री हजारे की मुहिम अगले वर्ष विधानसभा के प्रस्तावित चुनाव में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाने में काफी मदद पहुंचायेगी।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने श्री हजारे की मुहिम का न सिर्फ समर्थन किया बल्कि उनसे महाराष्ट्र के मंत्रियों के खिलाफ चलाये उनके सत्याग्रह की तरह उनसे यहां भी उसी तरह के अभियान चलाने का आग्रह किया। श्री सिंह ने कहा कि श्री हजारे की इस यात्रा से भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आम जनता के खडे होने में मदद मिलेगी। भाजपा ने पहले ही कहा है कि बसपा सरकार ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। भाजपा ने मायावती सरकार के खिलाफ एक सौ घोटालों के माध्यम से दो लाख 54 हजार करोड़ का घपला किये जाने का आरोप लगाया था।













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