अमरीका के लिए आईएसआई 'आतंकवादी'

हफ़ीज़ चाचड़, बीबीसी हिंदी संवाददाता, इस्लामाबाद
अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ आईएसआई प्रमुख अशफाक कियानी. ब्रितानी समाचार पत्र 'गार्डियन" में प्रकाशित अमरीका के ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीकी अधिकारी पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई को एक 'आतंकवादी" संस्था मानते हैं.
अमरीकी दस्तावेज़ों के मुताबिक़ ग्वांतानामो बे में जाँचकर्ताओं को बताया गया था कि चरमपंथी गुट अल-क़ायदा, हमास और हिज़्बुल्लाह के साथ साथ पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई भी ख़तरनाक संस्था है. ग्वांतानामों बे के जाँचकर्ताओं को निर्देश दिए गए थे कि अगर किसी भी व्यक्ति का इन गुटों से संबंध हो तो उसके साथ चरमपंथी के तौर पर बर्ताव किया जाए.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने गार्डियन में छपी इस ख़बर पर बात करने से इंकार कर दिया. जबकि अमरीकी विदेश मंत्रालय ने इस जानकारी की कड़े शब्दों में निंदा की लेकिन ख़बरों की सच्चाई और उसके ग़लत होने के बारे में कुछ नहीं कहा.
वर्ष 2007 के इन दस्तावेज़ों को अनुसार आईएसआई समेत अल-क़ायदा, हमास और हिज़्बुल्लाह से किसी भी व्यक्ति का संबंध इस बात का सबूत है कि वह व्यक्ति भविष्य में अमरीका के लिए ख़तरा हो सकता है. अमरीकी दस्तावेज़ों में आईएसआई को उन 36 गुटों में शामिल किया गया है जिन में मिस्र की संस्था इस्लामिक जिहाद जिस का नेतृत्व अल-क़ायदा के सह-प्रमुख अयमान अल जवाहिरी करते हैं, साथ ही ईरान के गुप्तचर विभाग और इख़्वानुल मुस्लेमीन जैसे गुट शामिल हैं.
अख़बार के मुताबिक़ यह सूची वर्ष 2007 की है लेकिन इस बात की संभावना कम है कि अब आईएसआई का नाम इस सूची से निकाल दिया गया हो. गार्डियन लिखता है कि इस बात के ज़ाहिर होने से कि अमरीका आईएसआई को अल-क़ायदा और तालिबान जितना ख़तरनाक समझता है, पाकिस्तान में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा और इससे दोनों देशों के संबंध ओर ख़राब होंगे.
ग़ौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में गार्डियन ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें कहा गया था कि अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग को ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि आईएसआई कई सालों से अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान विद्रोहियों की मदद कर रहा है.












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