3 रुपए तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल के दाम

अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले कम दामों पर तेल बेचने से कंपनी को होने वाला दैनिक नुकसान 291 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुके हैं। कम कीमत पर तेल बेचना कंपनियों को भारी पड़ रहा है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से तेल के दाम तय करने की स्वतंत्रता है। लेकिन पांच राज्यों में चल रहे चुनावों को देखते हुए सरकार ने तेल कंपनियों को जनवरी से तेल की कीमतें ना बढ़ाने की हिदायत दी थी। मगर मई मे इन राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद अब तेल की कीमत में वृद्धि लगभग तय है।












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