नंबर बढ़वाने के लिए 374 इंजीनियरिंग छात्रों ने दिया रिश्वत का ऑफर

छात्रों द्वारा सेमेस्टर की फाइनल परीक्षाओं में उत्तर पुस्तिकाओं पर फोन नंबर लिखे जाने के मामले में विश्वविद्यालय ने छात्रों को दो-दो साल पीछे किए जाने का फैसला किया है। फैसले पर अप्रैल के अंत तक ऑफिशियल मोहर लगने की उम्मीद है। जितनी तेजी से प्रदेश इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है उससे कहीं ज्यादा तेजी से पढ़ाई का स्टैंडर्ड गिरता जा रहा है।
विश्वविद्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पर लगाम कसने का पूरा मन बनाया है। उधर एमडीयू कंडक्ट ब्रांच के ओएसडी वीपी नांदल का कहना है कि 13 कॉलेजों के 157 छात्रों के साथ फरीदाबाद पहले स्थान पर, साइबर सिटी गुडग़ांव आठ कॉलेजों के 95 छात्रों के साथ दूसरे स्थान पर और एजुकेशन सिटी के हिसाब से डेवलप हो रहा सोनीपत छह कॉलेजों के 62 छात्रों के साथ तीसरे स्थान पर है। सभी छात्रों के खिलाफ हर हालत में सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।इसके लिए परीक्षा नियंत्रक की अगुवाई में हर कॉलेज की पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। उसमें कॉलेज के प्रिंसिपल भी शामिल रहेंगे।












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