यूपी में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम छेड़ें अन्ना: कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव और पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी दिग्विजय सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाने वाले प्रख्यात श्री हजारे से मांग की कि महाराष्ट्र की तरह वह उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ भी अनशन शुरू करें जिससे मायावती मंत्रिमंडल में शामिल भ्रष्ट मंत्री बेनकाब हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की हालत बुरी है। जो अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल नही होते उनकी हत्या कर दी जाती है या वे आत्महत्या कर लेते हैं।
इस संबंध में उन्होंने लखनऊ में मारे गये परिवार कल्याण विभाग के दो मु य चिकित्साधिकारियों और भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हरमिन्दर सिंह राज का नाम खास तौर पर लिया। उन्होंने कहा कि देश के अतिमहत्वपूर्ण इस राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। अनियमितता के आरोप में दो मंत्रियों बाबू सिंह कुशवाहा और अनन्त कुमार मिश्रा को हटा दिया गया लेकिन अनियमितताएं क्या है, यह नही बताया गया।
श्री सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना (मनरेगा) में भ्रष्टाचार की भरमार है और राज्य सरकार सूचनाएं छिपा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के खनन विभाग में भी व्यापक पैमाने पर भी भ्रष्टाचार है। शराब लाइसेंस की तरह एक ही व्यक्ति को खनन का लाइसेंस देने के लिए इसका भी केन्द्रीयकरण किया गया। वहीं इस मुहिम में शामिल योग गुरू बाबा रामदेव और प्र यात वकील शांतिभूषण को भी आड़ हाथों लिया। श्री सिंह ने श्री भूषण बतायें कि उन्हें नोयडा में जमीन कैसे आवंटित हुई।
शांति भूषण अन्ना हजारे के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में शामिल है। शांतिभूषण जनलोकपाल विधेयक की प्रारूप समिति के सहअध्यक्ष भी है। श्री सिंह ने बाबा रामदेव से सवाल किया कि क्या उन्हे चंदे में मिले अरबों रूपयों में एक भी पया काला धन नही हैं। उन्होंने कहा कि यह कैसे कहा जा सकता है कि योग गुरू को मिले अरबो रूपयों में सभी सफेद धन ही है। यदि उनकी सारी स पत्ति न बर एक के पैसों से बनी है तो उन्हें इसका खुलासा करने में एतराज नहीं होना चाहिए।












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