सीएमओ हत्याकाण्ड: माया ने 2 मंत्रियों से इस्तीफा लिया, सचिव, सीएमओ हटाए

श्री सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि हत्याकाण्ड व घपलों में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने के बाद श्री कुशवाहा व श्री मिश्र ने स्वयं पद छोड़ दिया। इस्तीफे को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति प्रदान कर राज्यपाल बीएल जोशी को भेज दिया। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव परिवार कल्याण प्रदीप शुक्ला को भी उनके पद से हटा दिया गया क्योंकि उनकी भूमिका भी कई मामलों में संदिग्ध पायी गयी।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए परिवार कल्याण विभाग को स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने का भी निर्देश दिया। मंत्रिमंडलीय सचिव शशांक शेखर सिंह ने पूर्र्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिवार कल्याण डॉ विनोद कुमार आर्या की गत 27 अक्टूबर को हत्या हुई थी। हत्याकाण्ड में शामिल विजय दुबे को 12 दिसबर को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि पूछताछ में उसने डॉ आर्या की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। जबकि दूसरा अभियुक्त सुधाकर पांडेय फरार चल रहा है और उस पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित है। श्री सिंह ने कहा कि राज्य में किसी भी विभाग में अधिकारियों के कार्यों में अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई तय है।
श्री सिंह ने कहा कि इन हत्याओं की जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य उजागर हुए जिनसे पता चलता है कि विभाग में बड़े गोरखधंधे किए गये हैं जिनकी जांच की जा रही है। उधर फर्जी भुगतान में डिप्टी सीएमओ परिवार कल्याण डॉ वाई एस सचान, जिला प्रशासनिक अधिकारी सीजे यादव व वरिष्ठi लिपिक पीसी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका गलत पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनके निलबन के आदेश भी जारी किये गये है। श्री सिंह ने बताया कि कार्यालय में जो अनियमितता पायी गयी उसमें शामिल कई अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
उधर घमलों में शामिल होने की आशंका पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डा. एके शुक्ला को भी पद से हटाया गया शाम होते-होते डा. शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उन्होंने कहा कि विभागीय अनियमिततायें डा. बीपी सिंह हत्याकांड की पृष्ठiभूमि तैयार होने की ओर इशारा करती हैं।












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