उत्तर प्रदेश में बीएसपी विधायक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश में बीएसपी विधायक गिरफ़्तार
रामदत्त त्रिपाठी

बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में क़ानून व्यवस्था की हालत दिन ब दिन ख़राब होते जा रहे हैं. ऐसे में इन गिरफ़्तारियों से विपक्ष को एक और मुद्दा मिल गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस की सी आई डी ब्रांच ने क़रीब दो साल पहले लखनऊ में कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी बहुगुणा का घर जलाए जाने के मामले में नामज़द सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक जितेन्द्र सिंह बबलू और राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त नेता इंतज़ार आब्दी उर्फ़ बाबी को गुरुवार देर रात गिरफ़्तार कर लिया.

दोनों अभियुक्तों को घर पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. मजिस्ट्रेट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. लेकिन रीता बहुगुणा इस गिरफ़्तारी से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने मामले की जांच सी बी आई से कराने की मांग दोहराई है. रीता बहुगुणा का आरोप है कि उनका घर जलाने में पुलिस के बड़े अफ़सर और सरकार के मंत्री शामिल रहें हैं और दरअसल उन्हें बचाने के लिए यह गिरफ़्तारी की गई हैं.

रीता बहुगुणा ने बताया कि उन्होंने मामले की सी बी आई जांच के लिए हाईकोर्ट में एक याचिका दाख़िल कर रखी है, जिसकी सुनवाई अंतिम चरणों में है. उनका आरोप है कि सरकार ने सी बी आई जांच रोकने के लिए यह गिरफ़्तारी कराई हैं. इससे पहले पुलिस ने इस मामले में कुछ निर्दोष लोगों को गिरफ़्तार किया था, लेकिन अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया .

इस मामले में मुख्यमंत्री मायावती की बड़ी किरकिरी हुई थी, क्योंकि समाचार माध्यमों ने बहुजन समाज पार्टी के कई नेताओं और पुलिस अधिकारियों को रीता जोशी का घर जलवाते हुए वहां उपस्थित दिखाया था. बाद में रीता बहुगुणा को भी मायावती के प्रति कथित अशोभनीय टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगनी पडी थी.

समझा जाता है कि उसी टिप्पणी की प्रतिक्रिया में रीता बहुगुणा का घर फूंका गया था और मीडिया में सब कुछ दिखाए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर अभियुक्तों को संरक्षण दिया. इंतज़ार आब्दी को अचानक राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया गया था.

काँग्रेस नेताओं का कहना है कि अब ये दोनों गिरफ़्तार बीएसपी नेता मायावती कि नज़रों से गिर गए हैं. जितेन्द्र सिंह का विधना सभा टिकट काट दिया गया है. विधान सभा चुनाव क़रीब आते देख मुख्यमंत्री मायावती अपनी छवि सुधारना चाहती हैं. यह गिरफ़्तारियां इसी नज़र से देखी जा रहीं हैं.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+