लीबिया में दमन जारी, अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध (राउंडअप)

ट्यूनिश/सना/बगदाद/न्यूयार्क, 26 फरवरी (आईएएनएस) लीबिया के शासक मुअम्मार गद्दाफी पर सत्ता छोड़ने के लिए जहां अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ा है, वहीं उन्होंने संकेत दिया है कि वह अपने रुख में बदलाव नहीं करने वाले हैं। सेना का प्रदर्शनकारियों पर हमले जारी हैं। इस बीच अमेरिका ने लीबिया पर आर्थिक और सामरिक प्रतिबंध लगा दिए हैं।

यमन में शुक्रवार रात हुई झड़पों में चार लोग मारे गए जबकि ट्यूनीशिया में अंतरिम प्रधानमंत्री को हटाए जाने की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। अल्जीरिया में शनिवार को सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। जबकि बहरीन के शासक ने मंत्रिमंडल से चार मंत्रियों को बाहर किया है।

लीबिया में सेना का दमन जारी

लीबिया के तजौरा कस्बे में सेना द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी जारी है। गत 14 फरवरी से जारी बगावत में करीब 1000 लोग मारे गए हैं।

तजौरा कस्बे के एक स्थानीय निवासी अबू यूसुफ ने शनिवार को समाचार चैनल 'अल जजीरा' को बताया कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर सेना गोलीबारी कर रही है।

उसने बताया, "सुरक्षा बल इलाके के घरों की तलाशी ले रहे हैं और सरकार विरोधी लोगों का कत्ल कर रहे हैं।"

इस बीच गद्दाफी के बेटे सैफ अल इस्लाम ने विपक्षियों को वार्ता का प्रस्ताव दिया है। सैफ ने शुक्रवार देर रात अपने बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए भाड़े के सैनिकों को नहीं लगाया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने हालांकि कहा कि प्रदर्शनकारियों पर हमले करने के लिए चाड, माली और अन्य अफ्रीकी देशों के भाड़े के सैनिकों को बुलाया गया है।

सैफ ने देश के पूर्वी हिस्से पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने का संकल्प व्यक्त किया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बेनघाजी सहित पूर्व के ज्यादातर इलाकों में प्रदर्शनकारी अब नियंत्रण में हैं।

यमन में झड़प, 4 मरे :

दक्षिण यमन में शुक्रवार रात हुई ताजा झड़पों में चार लोग मारे गए।

समाचार चैनल 'सीएनएन' ने चिकित्सा अधिकारियों के हवाले से बताया कि दक्षिण यमन में झड़पों के दौरान हुई गोलीबारी में चार लोग मारे गए जबकि कम से कम 26 लोग घायल हुए।

शुक्रवार को सना विश्वविद्यालय के समीप तहरीर चौक पर हजारों की संख्या में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी जमा हुए यहां उनकी सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों के साथ भिड़त हो गई। सालेह ने अभी अपने पद से हटने से इंकार किया है।

यमन में वर्ष 1978 से सत्त में बने राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह को सत्ता छोड़ने के लिए उनके खिलाफ व्यापक रूप से प्रदर्शन हो रहे हैं।

ट्यूनीशिया में प्रधानमंत्री को हटाने की मांग :

ट्यूनीशिया का शासन सम्भाल रहे कार्यवाहक सरकार के अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद घनूची ने लोगों से सितम्बर के बजाय मध्य जुलाई में चुनाव कराने का वादा किया है लेकिन लोग उन्हें तुरंत हटाए जाने की मांग कर रहे हैं।

बीबीसी के मुताबिक घनूची के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को राजधानी ट्यूनिश में रैली निकालने वाले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते से हटाया।

अल्जीरिया में प्रदर्शन :

अल्जीरिया में इस सप्ताह के शुरुआत में 19 वर्ष पुराना आपातकाल हटाए जाने के बाद शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने पहली दफा प्रदर्शन किया।

समाचार एजेंसी डीपीए ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि प्रदर्शनों पर प्रतिबंध के बावजूद प्रदर्शनकारी राजधानी अल्जीर्यस के मध्य में एकत्र हुए।

इराक में व्यापक प्रदर्शन, 23 मरे :

इराक में नवनिर्वाचित सरकार के प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी को शुक्रवार को अपने खिलाफ एक व्यापक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनों में कम से कम 23 लोग मारे गए।

राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने 'आक्रोश का दिन' नाम से रैली का आह्वन किया था।

समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में कम से कम दर्जन भर प्रदर्शन हुए। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी गलियों में उतरे और सरकारी परिसरों में हंगामा किया।

प्रदर्शन में सुन्नी, शिया, कुर्द और ईसाई समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने पर्याप्त बिजली, स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य सुविधा और रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। लोगों ने इस प्रदर्शन को 'आक्रोश का दिन' नाम दिया।

अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फल्लूजाह और मोसूल में क्रमश: छह छह लोग मारे गए जबकि देश भर में हुई पांच घटनाओं में अन्य लोग मारे गए।

समाचार पत्र ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि बगदाद में कम से कम तीन लोग मारे गए जबकि कुर्दिश इलाके में दो लोगों के मारे जाने की सूचना है।

प्रदर्शनकारियों ने किरकुक में एक पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर लिया और तिकरित में स्थानीय सरकारी कार्यालयों के चारों तरफ बने घेरे को तोड़ने के साथ ही मोसूल स्थित एक प्रांतीय कार्यालय में आग लगा दी।

बहरीन में मंत्रिमंडल से 4 मंत्री बाहर :

बहरीन के शासक हमद बिन ईसा अल-खलीफा ने मंत्रिमंडल से चार मंत्रियों को बाहर कर दिया है। उन्होंने यह कदम कई दिनों से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद शुरू हुई राष्ट्रव्यापी वार्ता के तहत उठाया है।

समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' ने स्थानीय समाचार पत्र अल-वसत के हवाले से बताया कि मंत्रिमंडल में फेरबदल की पुष्टि करने के लिए कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रिमंडल में किया गया फेरबदल का यह प्रयास विपक्षी शिया समुदाय को खुश करने के लिए हो सकता है।

ज्ञात हो कि शिया समुदाय की बहुलता वाले देश बहरीन का शासन सुन्नी समुदाय का राजशाही परिवार करता है। शिया समुदाय का कहना है कि उन्हें नौकरियों और अन्य सेवाओं में भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया :

अमेरिकी सरकार ने शुक्रवार रात लीबिया सरकार पर आर्थिक और सामरिक प्रतिबंध लगा दिए।

समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि लीबिया की सरकार द्वारा 'मानवाधिकारों का उल्लंघन और अपने नागरिकों की क्रूरता से दमन जारी है।'

संयुक्त राष्ट्र भी उठा सकता है कदम :

दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने सुरक्षा परिषद से गद्दाफी सरकार के खिलाफ तुरंत विशेष कदम उठाने पर विचार करने के लिए कहा है। लीबिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक मून ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा, "मेरा मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का पहला दायित्व लीबिया के नागरिकों की हर सम्भव सुरक्षा करना है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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