एयर इंडिया में अब केवल 'एआई' कोड का इस्तेमाल

नेशनल एविएशन कम्पनी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि इससे एक राष्ट्रीय विमानन सेवा के रूप में उभरने की हमारी प्रतिबद्धता मजबूत हुई है।

कोड हस्तांतरण साल 2007 में इंडियन एयरलाइंस और उसकी सस्ती विमानन सेवा कम्पनी एलायंस एयर के एयर इंडिया में विलय के फैसले के बाद अपरिहार्य हो गया था। इस फैसले के तहत विमान सेवाओं की कॉरपोरेट कम्पनी नेशनल एविएशन कम्पनी ऑफ इंडिया का भी गठन किया गया था।

जाधव ने कहा कि एआई के एकमात्र कोड का इस्तेमाल होने से विमान यात्रियों को काफी सुविधा होगी। इसके बाद एयर इंडिया का स्टार अलायंस में प्रवेश सम्भव हो जाएगा, जिससे विमान सेवा की पहुंच दुनिया के 181 स्थानों के 1,160 हवाई अड्डों तक सुनिश्चित हो जाएगी।

कम्पनी के प्रवक्ता ने कहा कि आईसी को एआई में बदलने का काम शनिवार सुबह शुरू हुआ था, जो दोपहर तक पूरा हो गया।

विश्लेषकों का मानना है कि कोड को बदलने से घाटे में चल रही कम्पनी के प्रबंधन पर होने वाले खर्च में कुछ बचत होगी। विमानन कम्पनी को वित्त वर्ष 2009-10 में 5,551 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वित्त वर्ष 2008-09 में इसे 7,189 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

केपीएमजी के एरोस्पेस एंड डिफेंस के निदेशक अम्बर दूबे ने आईएएनएस से कहा कि विमानन कम्पनी के स्टार अलायंस में प्रवेश का भी इसे फायदा मिलेगा।

इस बीच कम्पनी ने यात्रियों की सुविधा के लिए अलग से कर्मचारियों का एक दल तैनात किया है, जो कर्मचारियों को एसएमएस और ई-मेल माध्यम से इस बदलाव की जानकारी देंगे।

प्रबंधन ने हवाईअड्डे पर यात्रियों को मदद करने के लिए भी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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