शिमला, मनाली में और बर्फबारी की सम्भावना (लीड-1)
शिमला में मौसम का यह पांचवा हिमपात है लेकिन उच्च तापमान के कारण बर्फ जल्द ही पिघल गई।
मौसम विज्ञान विभाग के एक अधिकारी के अनुसार शिमला में हालांकि हल्का हिमपात हुआ है लेकिन कुफरी और नरकंडा के इलाकों में मध्यम दर्जे का हिमपात हुआ। मनाली में भी मध्यम दर्जे का हिमपात हुआ है।
हिमपात के कारण 'क्वीन ऑफ हिल्स' पूरी तरह जम गया है। ब्रिटिश शिमला को प्रेम से इसी नाम से पुकारते थे। शिमला शहर में 24 फरवरी को 3.2 सेंटीमीटर हिमपात हुआ था, लेकिन उच्च तापमान के कारण यह कुछ ही घंटों में पिघल गया था।
अधिकारी ने कहा, "लाहौल एवं स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, शिमला और चम्बा जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार से मध्यम से भारी हिमापात हो रहे हैं, जबकि मध्यम ऊंचाई वाले और निचले इलाकों में बारिश हो रही है।"
यहां से कोई 250 किलोमीटर दूर किन्नौर जिले के कालपा, और चम्बा जिले के डलहौजी में भी हिमपात हुआ है। कालपा में 11.1 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है।
मौसम विज्ञानी ने कहा कि दो मार्च तक यहां और बारिश व हिमपात होने की सम्भावना है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ इस क्षेत्र में सक्रिय है।
लाहौल एवं स्पीति जिले के केलांग में तापमान शून्य से 6.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो राज्य का सबसे सर्द स्थान रहा जबकि कालपा में यह शून्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। वहीं धर्मशाला और भूंतार में तापमान क्रमश: 3.3 व 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक योगेश बहल ने कहा, "हमें आशा है कि हिमपात से एक बार फिर इस सप्ताह पर्यटकों की अच्छी संख्या यहां आएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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