लीबिया से भारतीयों को निकालने का अभियान शुरू (लीड-1)
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "शनिवार शुबह 1.30 बजे मुम्बई और दिल्ली से एयर इंडिया के दो विमान त्रिपोली के लिए रवाना हुए। दोनों विमान दोपहर बाद त्रिपोली पहुंच गए और नागरिक उनमें सवार होने लगे हैं।"
ज्ञात हो कि भारत लीबिया में फंसे अपने करीब 18, 000 नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए प्रत्येक दिन अपने दो विशेष विमानों को त्रिपोली भेजेगा।
अधिकारी के मुताबिक दोनों विमान करीब 700 यात्रियों को वापस लाएंगे। उन्होंने कहा, "हमने वहां एक बोइंग विमान 747 जम्बो और एयर बस ए330 को भेजा है।"
लीबिया के लिए रवाना हुए दोनों पोत आईएनएस जलश्व और आईएनएस मैसूर को इस अभियान के लिए चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया गया है। इन पोतों पर ऑपरेशन थियेटर, डॉक्टर और चिकित्सा दल मौजूद हैं।
इन दोनों पोतों पर हेलीकॉप्टर और नौसेना के विशेष बल के जवानों का एक दस्ता भी मौजूद है। इन दोनों बचाव पोतों को आवश्यक मदद पहुंचाने के लिए एक अन्य पोत आईएनएस आदित्य भी उनके साथ भेजा जा रहा है।
अधिकारी ने बताया कि अगले 10 दिनों में ये बचाव पोत लीबिया पहुंच जाएंगे। पोत नागरिकों को लीबिया से निकालकर या तो माल्टा अथवा मिस्र लाएंगे। वहां से नागरिक हवाई जहाज से स्वदेश लौटेंगे।
उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने शुक्रवार को लीबिया की स्थिति को 'अत्यंत खराब' बताया। उन्होंने कहा कि भारत वहां की घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहा है।
कृष्णा ने उन आरोपों से भी इंकार किया जिसमें कहा गया कि लोगों को वहां से निकालने के लिए सरकार उनसे शुल्क ले रही है। विदेश मंत्री ने ऐसे लोगों से सावधान रहने के लिए कहा जो मौके का फायदा उठाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि नौसेना पहले भी इस तरह का अभियान चला चुकी है। वर्ष 2006 में उसने 2500 से अधिक भारतीय, भारतीय मूल के लोगों और विदेशी नागरिकों को लेबनान से निकाला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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