रेल बजट : बंगाल के साथ पक्षपात नहीं : ममता
वित्त वर्ष 2011-12 का रेल बजट पेश करने के बाद ममता ने एक टेलीविजन चैनल पर कहा कि वहां जो भी लोग शोर मचा रहे थे, उनका कोई-न-कोई राजनीतिक हित था। वे बजट भाषण शुरू करने के पहले भी शोर मचा रहे थे। यह उनकी आदत है।
पश्चिम बंगाल के प्रति पक्षपात किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से उन्होंने पश्चिम बंगाल के साथ कोई पक्षपात नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने दूसरे राज्यों के लिए भी औद्योगिक परियोजनाओं और नई रेलगाड़ियों की घोषणा की हैं, जैसे, महाराष्ट्र, जम्मू एवं कश्मीर, पूर्वोत्तर आदि।
उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बाद हालांकि भारतीय रेल पर वित्तीय दबाव बढ़ा है, फिर भी यह विकासशील है और व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेल की वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी है। दूसरे विभागों की वित्तीय स्थिति इससे कोई विशेष अच्छी नहीं है।
बनर्जी ने शुक्रवार को पेश किए गए वित्त वर्ष 2011-12 के रेल बजट में 57,630 करोड़ रुपये के निवेश, 68 नई रेलगाड़ियों को चलाने और विजन 2020 दस्तावेज के अनुरूप मजबूत रेल नेटवर्क बनाने की घोषणा की। बजट में यात्री किराया और माल भाड़ा में परिवर्तन नहीं किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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