दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री को हटाने की अनुशंसा
लोकायुक्त के आदेश के अनुसार चौहान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एक रिसॉर्ट की कर अदायगी को प्रभावित करने का फैसला किया।
लोकायुक्त न्यायाधीश मनमोहन सरीन ने अपने आदेश में कहा कि रिसॉर्ट को कर अदायगी में राहत के लिए मंत्री ने आयकर विभाग के अधिकारियों को प्रभावित करने का प्रयास किया। लोकायुक्त ने मीडिया में छपी इस आशय की खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए यह फैसला दिया।
खबरों के मुताबिक मूल्य वर्धित कर (वैट) आयुक्त जलाज श्रीवास्तव ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य के एक मंत्री ने रिसॉर्ट मामले में कर अदायगी की जांच के लिए गए प्रवर्तन अधिकारियों की टीम को वापस बुलाने के लिए कहा। बाद में उन्होंेन मंत्री का नाम राजकुमार चौहान बताया।
अपने आदेश में लोकायुक्त ने कहा कि तीन बार विधानसभा चुनाव जीतने और 20 साल के राजनीतिक अनुभवन वाले परिपक्व राजनेता के रूप में उनसे उम्मीद की जाती है कि बतौर विधायक एवं मंत्री उन्हें अपनी जिम्मेदारियों के बारे में मालूम होगा। उन्हें अपने आचरण और कार्यो से सामने आने वाले परिणाम की जानकारी भी होगी।
एक लोकायुक्त अधिकारी के मुताबिक, "लोकायुक्त ने अपने आदेश में राष्ट्रपति से सिफारिश की है कि चौहान को मंत्री बने रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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