मोरोक्को, बहरीन में भी प्रदर्शन

लीबिया के साथ-साथ अरब जगत के कई देशों में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु हो गए हैं
ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद लीबिया के साथ-साथ मोरोक्को, बहरीन और ईरान से भी सरकार विरोधी प्रदर्शनों की ख़बरें आ रही हैं.
ईरान में तेहरान समेत कई शहरों में प्रदर्शन करने की कोशिश हुई और दक्षिणी शहर शिराज़ में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए. लेकिन तेहरान में प्रदर्शनकारियों को मुख्य चौराहे में दाख़िल होने से रोक दिया गया.
मोरोक्को की राजधानी रबात में 2000 से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया है और वहाँ के शाह मोहम्मद से अपने कुछ अधिकार छोड़ देने की मांग की है.
प्रदर्शनकारी प्रशासन में भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने संसद के बाहर नारेबाज़ी की है. लोग चाहते हैं कि उनके जीवन स्तर को बेहतर करने, अच्छी शिक्षा और स्वास्थय सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए क़दम उठाए जाएँ.
मोरोक्को के अनेक लोगों का कहना था कि वे नई सरकार ज़रूर चाहते हैं लेकिन शाह का अब भी समर्थन करते हैं.
रबात के अलावा कैसाब्लैंका और मार्राकेच में भी प्रदर्शन हुए हैं.
बहरीन में विपक्ष के नेताओं ने चेतावनी दी है कि बहरीन के युवराज शेख़ सलमान बिन हमाद अल ख़लीफ़ा से बातचीत करने से पहले उनकी अहम माँगें सोमवार को ही मान ली जानी चाहिए.
वहाँ एक हफ़्ते से प्रदर्शन और झड़पें हो रही हैं.
प्रदर्शनकारी माँग कर रहे हैं कि सुन्नी अल्पसंख्यक सरकार इस्तीफ़ा दे, राजनीतिक क़ैदियों को छोड़ा जाए और जो प्रदर्शनकारी मारे गए हैं उनके मारे जाने की परिस्थितियों की जाँच हो. बहरीन में शिया बहुसंख्यक समुदाय का आरोप है कि उनके साथ भेदभाव किया जाता है.
हज़ारों प्रदर्शनकारी अब भी राजधानी मानामा में पर्ल चौराहे पर एकत्र हैं.
अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने बहरीन की सरकार से अनुरोध किया है कि वह सुधार लागू करे और प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसक कार्रवाई न करे.
उधर ट्यूनिशिया की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह सऊदी अरब से अपदस्त राष्ट्रपति ज़ैन अल अबिदीन बिन अली के प्रत्यर्रपण के बारे में अनुरोध करेगी.
ट्यूनिशिया ने सऊदी अरब से ये भी पूछा है कि वे पूर्व राष्ट्रपति के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दे क्योंकि ऐसी रिपोर्टें आ रही थीं कि एक स्ट्रोक के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.
ट्यूनिशिया की सरकार ने उन पर भ्रष्टाचार और हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.
लगभग 23 साल तक सत्ता में बने रहने वाले पूर्व राष्ट्रपति ज़ैन अल अबिदीन बिन अली पिछले महीने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद निर्वासन में चले गए थे.












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