यासीन मलिक को हो सकती है देश निकाला तक की सज़ा

Yasin Malik
अजमेर। अजमेर शरीफ की दरगाह से निकलने के बाद जब लोगों ने जम्‍मू कश्‍मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक को तिरंगा भेंट किया तो उन्‍होंने उसे हाथ में लेने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि वो उनके देश का झंडा नहीं। तिरंगे के इतने बड़े अपमान पर जनता में रोष व्‍याप्‍त हो गया। नतीजतन यासीन मलिक पर जूते, चप्‍पल और पत्‍थर चले। अब सवाल यह उठता है कि यह मामला यहीं पर खत्‍म हो जाएगा, या फिर अजमेर के जिलाधिकारी मलिक के खिलाफ कोई कार्रवाई भी करेंगे।

सबसे पहले हम आपको बता दें कि तिरंगे का अपमान करने पर किसी को भी 1 साल की सज़ा से लेकर उम्रकैद व देश निकाला तक की सज़ा हो सकती है। लेकिन यासीन मलिक को क्‍या सजा मिलेगी यह निर्भर करेगा अजमेर के जिलाधिकारी यानी डीएम पर। लखनऊ के अधिवक्‍ता शांतनु शर्मा के मुताबिक भारतीय संविधान के अंतर्गत यदि देश के किसी भी शहर में तिरंगे का अपमान होता है, तो जिलाधिकारी का यह कर्तव्‍य बनता है कि वो कार्रवाई करे।

संविधान के मुताबिक शहर के डीएम को अगर तिरंगे के अपमान की घटना के बारे में तत्‍काल पता नहीं चलता है, तो जब भी पता चले, वो कार्रवाई करे। कार्रवाई के अंतर्गत देश का अपमान करने वाले व्‍यक्ति के खिलाफ मुकदमा करना जिलाधिकारी की ड्यूटी है। सच पूछिए तो यहां पर यासीन के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जा सकता है।

अब देखना यह है कि यासीन मलिक के खिलाफ अजमेर के डीएम साहब अपनी ड्यूटी निभाते हैं या राजनेताओं के बोझ तले शांत होकर बैठ जाते हैं।

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