मिस्र : चुनी हुई सरकार को सौंपी जाएगी सत्ता, विश्व ने किया स्वागत (राउंडअप इंट्रो)
उधर, अरब देशों ने भी मिस्र के पुननिर्माण में अपना समर्थन व्यक्त करने के साथ ही सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की मांग की है।
समाचार चैनल अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक देश के नए सैन्य नेताओं ने शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर देश की कुछ चिंताओं को कम करने के क्रम में घोषणाएं कीं। उन्होंने वादा किया कि वे देश की सत्ता एक जनता द्वारा चुनी गई सरकार को सौंप देंगे।
उन्होंने यह भी वादा किया कि वे वर्ष 1979 में इजरायल के साथ हुई संधि के साथ ही सभी अंतर्राष्ट्रीय संधियों का सम्मान करेंगे।
सैन्य परिषद ने कहा कि वह 'महान राष्ट्र की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने के लिए' हालात का जायजा ले रही है।
मुबारक के 30 वर्षो के तनाशाही सरकार के अंत पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के पूर्व अध्यक्ष और मुबारक के मुखर विरोधी मोहम्मद अल बरदई ने लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि 'एक सपना सच हुआ।'
रविवार को उम्मीद है कि बैंकों में कामकाज होगा और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुलेंगे। काहिरा के शेयर बाजार के एक अधिकारी ने बताया बुधवार को विदेशी मुद्रा बाजार दोबारा खुलेगा।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक अरब लीग ने कहा कि "लोकतंत्र को प्राप्त करने में इस नाजुक संक्रमणकालीन चरण को व्यवस्थित करने" तथा सशस्त्र सेनाओं की उच्च परिषद की भूमिका की लीग प्रशंसा करता है।
सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार सऊदी अरब ने 'सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्वक' होने पर स्वागत किया है और उम्मीद जाहिर की है कि 'सशस्त्र सेनाओं के प्रयास से मिस्र में शांति, स्थिरता और समानता आएगी।"
जबकि जेद्दा स्थित इस्लामी सम्मेलन संगठन (ओआईसी) ने कहा कि यह मुस्लिम देश 'ऐतिहासिक बदलाव' का गवाह बन रहा है, इसे 'अत्यंत समझदारी और दूरदृष्टि' का परिचय देना है।
ओआईसी के महासचिव एकमेलेद्दीन इहसनोग्लू ने मिस्र वासियों की उनकी इच्छा के अनुरूप विजय मिलने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने उनकी उन्नति और समृद्ध के लिए शुभकामनाएं दीं।
सीरिया की समाचार एजेंसी के मुताबिक सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद और इराकी राष्ट्रपति जलाल तलाबानी ने भी मिस्र के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया।
जबकि शुक्रवार को राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के पद से इस्तीफा देने के बाद भारत, अरब देश, पश्चिमी जगत और संयुक्त राष्ट्र ने मिस्र की इस क्रांति को ऐतिहासिक बताते हुए इसका स्वागत किया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "मिस्र के लोगों की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए हम राष्ट्रपति मुबारक के इस्तीफे का स्वागत करते हैं। हम सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परिषद की उस प्रतिबद्धता का भी स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने लोकतांत्रिक शासन की रूपरेखा तय करने के लिए समयबद्ध तरीके से शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण का वादा किया गया है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मुबारक के इस्तीफे के बाद व्हाइट हाउस में अपने छह मिनट के भाषण में कहा कि मिस्र के लोगों ने महात्मा गांधी की तरह अहिंसा की नैतिक शक्ति के जरिए हुस्नी मुबारक के तीन दशक लम्बे शासन को समाप्त करके इतिहास रच दिया है और यह एक नई शुरुआत है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक ओबामा ने कहा मिस्र की सेना ने पूरी देशभक्ति और जिम्मेदारी से अपना काम किया है अब उसे विश्वसनीयता बनाए रखते हुए सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित करना होगा। ओबामा ने कहा, "मिस्र के लोगों ने स्पष्ट किया है कि उन्हें लोकतंत्र से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।"
वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि मिस्र में 'पारदर्शी, शांतिपूर्ण और क्रमिक' रूप से सत्ता का हस्तांतरण होना चाहिए। समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता मार्टिन नेर्सिकी ने मून के हवाले से कहा, "मिस्र के लोगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता के हस्तांतरण की आवश्यकता है।"
रूस के विदेशी मंत्री सर्गेई लोवरोव ने शुक्रवार को कहा कि उम्मीद है कि मिस्र के अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी निकाय सामान्य तरीके से कामकाज करें। लोवरोव ने कहा, "हम आशा करते हैं कि ताजा घटनाक्रम से स्थिरता कायम करने में मदद मिलेगी।"
तुर्की ने मिस्रवासियों को बधाई देते हुए यह उम्मीद जाहिर की है कि नए शासन में उनकी इच्छाएं पूरी होंगी। इससे पहले राजनीतिक अस्थिरता के समय तुर्की ने मिस्र के नेताओं से लोकतांत्रिक समाधान तलाशने की अपील की थी।
मुबारक के इस्तीफे को मिस्र की जनता की जीत बताते हुए ईरान ने मिस्रवासियों को बधाई दी और इस क्रांति के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। स्थानीय समाचार चैनल 'प्रेस टीवी' के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्री अली अकबर सलेही ने कहा, "हम महान देश मिस्र को उसकी जीत के लिए बधाई देते हैं।"
वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि नई सरकार मिस्र के लोगों की इच्छाओं को पूरा करे और लोकतांत्रिक शासन स्थापित करने के लिए कदम उठाए। कैमरन ने शुक्रवार को मिस्र के लिए यादगार दिन बताते हुए कहा, "उन्होंने देश में बदलाव के लिए बहादुरी और शांतिपूर्वक तरीके से अपनी आवाज उठाई।"
लेबनान स्थित शिया संगठन हिजबुल्ला ने शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे के बाद मिस्र के लोगों को उनकी ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी। हिज्बुल्ला ने कहा कि वह मिस्र के लोगों को उनकी ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण जीत के लिए बधाई देते हैं। यह जीत उनकी महान क्रांति का परिणाम है।
लेबनान के समाचार संगठन अल-मनहर की वेबसाइट पर भेजे गए एक बयान में संगठन ने कहा, "इस क्रांति में लोगों की एकता प्रदर्शित हुई, इसमें महिला, पुरुष और बच्चे सबने हिस्सा लिया। यह क्रांति तलवार पर रक्त की विजय की प्रतीक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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