'एयरो इण्डिया 2011' ने विश्व भर में रचा इतिहास
बेंगलुरू में बुधवार से शुरू हुआ एयरो इंडिया 2011 शो आकार और प्रदर्शित चीजों के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा द्विवार्षिक आयोजन बन गया है। वर्ष 1993 में कुछ विमानन सम्पत्तियों के प्रदर्शन से एविया इंडिया के नाम से शुरू हुआ यह शो अब एशिया का सबसे बड़ा एयर शो बन गया है।
वर्ष 1998 में इसका नाम परिवर्तित करके एयरो इंडिया किया गया था। इसके बाद से ही यह लोकप्रिय हुआ और दुनिया के कुछ सबसे बड़े एयर शो में गिना जाने लगा। रक्षा उत्पादन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल इस एयर शो को देखने के लिए 1.75 लाख लोगों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2009 में 75,000 दर्शक यहां आए थे।
आयोजकों को अनुमान है कि यह संख्या 2.75 लाख तक बढ़ सकती है। बुधवार को भारतीय वायु सेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों की शानदार कलाबाजियों के साथ इस शो की शुरुआत हुई। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2007 की तुलना मे शो के दौरान प्रदर्शनी क्षेत्र में काफी वृद्धि हुई है। वर्ष 1998-2005 के बीच यह क्षेत्रफल 7,000 से 18,000 वर्ग मीटर रहता था जो वर्ष 2009 में बढ़कर 44,000 वर्ग मीटर हो गया।
इस साल प्रदर्शनी का क्षेत्रफल 75,000 वर्ग मीटर हो गया है जो कि 2009 की तुलना में 75 प्रतिशत ज्यादा है। रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने शहर के बाहरी इलाके में स्थित येलाहांका वायु सेना केंद्र में आठवें द्विवार्षिक एयरोस्पेस एण्ड एविएशन ट्रेड एक्सपो का उद्घाटन किया। इस दौरान 40 विदेशी शिष्टमंडल, गणमान्य हस्तियां, अधिकारी और वैश्विक एयरोस्पेस कारोबार से सम्बंधित लोग मौजूद थे। इस शो में 29 देशों के 380 प्रदर्शनकर्ताओं सहित कुल 675 प्रदर्शनकर्ता अपनी आधुनिक एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।












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