गिलानी भंग करेंगे मंत्रिमंडल
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक पीपीपी के सह अध्यक्ष और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद पीपीपी के महासचिव जहांगीर बद्र ने बताया, "मंत्रिमंडल भंग करने का अधिकार राष्ट्रपति जरदारी ने गिलानी को दिया है। वह जब चाहें मंत्रिमंडल को भंग कर सकते हैं।"
मंत्रिमंडल भंग करने का निर्णय उन आलोचनाओं के बाद किया गया जिनमें कहा गया कि वित्तीय संकट का सामना कर रहे देश के लिए मंत्रिमंडल का यह आकार बहुत बड़ा है।
उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल में 50 से अधिक मंत्री हैं। मुख्य विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल एन) मंत्रियों की संख्या कम करने की मांग कर चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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