मुजफ्फरनगर: खाप पंचायत ने लड़कियों की जीस-टॉप पर लगाया प्रतिबंध
खाप ने पांच सदस्यीय महिलाओं की निगरानी टीम गठित की है, जिसमें सुनीता, अमृता, मूर्ति, महिमा और दरियाई को शामिल किया गया है। टीम को भैंसावाल गांव तथा आसपास के क्षेत्र में इस फरमान को लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत के इस तुगलकी फरमान से लड़किया और महिलाएं काफी परेशान हैं। उन्होंने इसका व्यापक विरोध बी शुरू कर दिया है।महिला संगठनों ने खाप के चौधरियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भैंसवाल गांव के डा. सुधीर पवार का कहना है कि ये प्रतिबंध छोटी सोच का परिणाम है और इस गांव की करीब 17 लड़कियां सरकारी व निजी संस्थानों में विभिन्न पदों पर तैनात हैं। समाजशास्त्री डा. गीतांजलि वर्मा का मानना है कि खाप इस तरह के फैसले बगैर सोचे-समझे दे रही है। शिक्षित समाज में जीवनशैली, रहन-सहन, खान-पान के मुद्दे निजी हैं। इसमें किसी बाहरी व्यक्ति को हस्तक्षेप करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।













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