एमबीए छात्रों के बीच घट रही है कैट की लोकप्रियता!

अंग्रेजी अखबार इक्नॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल 18000 अभ्यर्थी कैट2010 में आवेदन करने के बाद भी इम्तहान में नहीं बैठे। कैट के कंप्यूटर बेस्ड इम्तहान के लिए इस साल 2.04 लाख आवेदन आए थे, जिनमें 1.86 लाख ही परीक्षा में शामिल हुए। यही नहीं केरल से करीब 13.08 प्रतिशत ने परीक्षा छोड़ दी, जबकि कर्नाटक में 10 प्रतिशत और तमिलनाडु में 9.9 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में नहीं बैठे।
यही नहीं दिल्ली में 7.8 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 8.3 प्रतिशत अभ्यर्थी इम्तहान में नहीं बैठे। देश के 11 आईआईएम और 150 बी स्कूल के लिए आयोजित की गई इस परीक्षा में भारी संख्या में परीक्षार्थियों के शामिल न होने का कारण उनकी सोच में परिवर्तन को दर्शाता है। यह बात आईआईएम प्रशासन भी मानता है।












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