• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

वनइंडिया को जन्‍म दिन मुबारक! हम अब पांच साल के हुए!

By Ajay Mohan
|
BG Mahesh
वनइंडिया.इन 1 जनवरी 2006 में अस्‍तित्‍व में आयी। आज हम 5 साल के हो गए हैं। साल 2010 हमारे लिए घटनाक्रम से भरा रहा। हमारे सुधी पाठकों और विज्ञापनदाताओं, जिनके बिना हम आज जैसे हैं, वैसे नहीं बन सकते थे, को उनके सहयोग के लिए धन्‍यवाद।

जनवरी 2006 में हमने अपनी वेबसाइट का नाम सोचना शुरू किया! फरवरी में हमने इसका नाम वनइंडिया.इन रखा। उस समय सभी ने इस नाम के चयन को काफी पसंद किया, आज वे उसे प्रेम करते हैं।

वो हमारी टीम के लिए काफी उत्‍साहजनक था। किसी भी नई शुरुआत का अनुभव हमेशा उत्‍साहनजक होता है और डरावना भी हो सकता है। यह एकदम उसी प्रकार होता है, जैसे पेट में मधुमक्खियां घूम रही हों। 2006 में भारत में, ऑनलाइन विज्ञापन में बहुत बड़ी आय नहीं होती थी और हम एक बहुत ही विशेष क्षेत्र- भारतीय भाषाओं में थे। उस समय विज्ञापनदाता भी क्षेत्रीय भाषाओं की वेबसाइट पर विज्ञापन नहीं देते थे।

हमने एक ऑनलाइन वर्गीकृत साइट भी लॉन्‍च की- क्लिक.इन वो भी भारतीय भाषाओं के सपोर्ट के साथ, हम ऐसा करने वाले पहले थे। यह सभी भविष्‍यवादी दृष्टिकोण के साथ किया गया और हमें विश्‍वास था कि भारत में भाषाओं में कार्य करने वाले लोगों को इसकी जरूरत पड़ेगी। हमने शुरुआती चरणों में कुछ यूरोपीय लोगों के साथ काम किया और उनके साथ काफी कुछ सीखा व अनुभव किया।

अन्‍य इंटरनेट उद्यमों की तरह हमें भी उद्यम के लिए पूंजी जुटाने के लिए विशेष चरण से गुजरना था। यह हमेशा आसान नहीं होता। कोई भी हमारी भारतीय भाषाओं की चाह को खरीद नहीं रहा था। किसी को विश्‍वास नहीं था कि भारतीय भाषाएं वाकई इंटरनेट की दुनिया में आ सकती हैं। बहुत से लोगों का विश्‍वास जीतना था। हमें उस प्रयास में कभी सफलता नहीं मिली। इससे सिर्फ हमे यही सीख मिली कि हमें अपने आप ही बेहतर करना होगा। उस भरोसेमंद टीम को धन्‍यवाद, जिनके साथ हम आगे बढ़े।

संस्‍थान के अंदर लोगों के बीच बहुत सारे परिवर्तन हुए। युवाओं की शादियां होने लगी (इसलिए कार्यालय में उनका समय कम हो गया, कम से कम शादी के बाद पहले एक साल में!), हमने महिलाओं को मां बनते देखा (अचानक ढेर सारी जिम्‍मेदारियां घर की तरफ बढ़ीं) और कुछ ने 40 का पड़ाव पार किया।

हम बहुत सारी परेशानियों से गुजरे लेकिन उन कठिन परिस्थितियों से लड़ने के लिए हम हमेशा मेहनत करते रहे। काम में हम हमेशा अधिक हांसिल करना चाहते थे, लेकिन कुछ वित्‍तीय बाधाएं थीं। 2010 की शुरुआत में संस्‍था के प्रत्‍येक सदस्‍य को एक अच्‍छी खबर मिली। अप्रैल 2010 में राजेश जैन की नेटकोर  ने हमारा अधिग्रहण कर लिया। नेटकोर के प्रबंधन ने हमारे साथ विभिन्‍न मुद्दों पर काफी सकारात्‍मक ढंग से कार्य किया। दोनों कंपनियों का मिलन काफी फलदायक रहा। अक्‍तूबर 2010 में हम नए कार्यालय में स्‍थानांतरित हुए। यहां बहुत अच्‍छा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और सुविधाएं मिली। इससे हमारी कार्यक्षमता में काफी हद तक सुधार आएगा।

इंटरनेट भेदी गिलास
हम भारत में और बहुत सारे इंटरनेट धारकों को अपनी सेवाएं प्रदान करना चाहते हैं, लेकिन हमारे यहां इंटरनेट भेदी गिलास काफी धीमी गति से भर रहा है। हम गिलास के खाली भाग को देख उदास नहीं हो सकते। हम वनइंडिया.इन में उस इंटरनेट भेदी गिलास के खाली भाग को 'अवसर' के रूप में देख रहे हैं। वो खाली भाग ब्रॉडबैंड और वायरलेस, जिसके 2011 के अंत या 2012 की शुरुआत में आने की उम्‍मीद है, से भर जाएगा।

मोबाइल भेदी
मोबाइल के बाजार में भारत ने व्‍यापक बढ़त देखी है। वनइंडिया ने मोबाइल के क्षेत्र में- दोनो वैप और एसएमएस दोनो में व्‍यापक रूप से उपस्थिति दर्ज करा दी है। यदि मोबाइल पर भारतीय भाषाओं का सपोर्ट है, तो उस पर इंडीक ज्‍यादा इस्‍तेमाल होगा। दुर्भाग्‍यवश बहुत कम मोबाइल फोन पर ही इं‍डीक का सपोर्ट होता है। कोई बात नहीं हमने ऐसे मोबाइल पर ध्‍यान दिया, जिनमें इंडीक नहीं है। हमने अपने उत्‍पाद को सितंबर 2010 में न्‍यूजहंट पर लॉन्‍च किया, जो बहुत सफल है।

भारत में इंडीक का इस्‍तेमाल
अभी तक सिर्फ हमारा ही पोर्टल है, जिसने डिजिटल क्षेत्र में भारतीय भाषाओं (इंडीक) पर प्रयोग किया। इंडीक वर्जन में हमारा क्रिकेट स्‍कोरकार्ड पाठकों के बीच बहुत पसंद किया जाता है। हम मानते हैं कि डिजिटल क्षेत्र में हम चीज इंडीक में होनी चाहिए।

जब लोगों ने हमारी सफलता देखी तब वे भी प्रतिस्‍पर्धा में आने लगे। कुछ मीडिया प्रतिष्‍ठानों ने अभी से ही अपनी इंडीक योजनाओं की घोषणा कर दी है। हम अत्‍यंत प्रभावशाली इंडीक के रथ पर उनका स्‍वागत करते हैं।

विकीपीडिया की दसवीं वर्षगांठ बहुत जल्‍द (15 जनवरी 2011) आ जाएगी। विकीपीडिया भी कुछ समय से इंडीक कंटेंट की बात करने लगा है। हमने भारत में बहुत सारे विकीपीडियंस को देखा है, जो इंडीक के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

चलिए ऑनलाइन क्षेत्र में 2011 को हम ईयर ऑफ इंडीक यानी इंडीक का साल के रूप में मनाते हैं। इसमें आपसे आपके सहयोग एवं दिशानिर्देशन की अपेक्षा करुंगा। हम आपसे सुनना चाहते हैं कि आपको अच्‍छी सेवाएं देने के लिए हम अपने आपको कैसे बेहतर बनाएं।

वनइंडिया.इन की टीम की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं
बीजी महेश
सीईओ

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

lok-sabha-home

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Oneindia.in completes 5 years of operation. It was not an easy journey but was fun. I would like to share my thoughts on the journey so far. We believe in languages and feel honored to serve the language community in India, after all the non-English speaking community is the majority in India but under served on the internet. We promise to bring you better things in the coming years.
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more