पिता के खान-पान से प्रभावित होते हैं बच्चे
एक नए अध्ययन के मुताबिक पर्यावरणीय कारक एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक के स्तनधारियों की आनुवांशिक इकाईयों को प्रभावित करते हैं।
जर्नल 'सेल' के मुताबिक पूर्व में हुए अध्ययनों में कहा गया था कि पिता जिस वातावरण में रहता है, उसका बच्चे में दिल से सम्बंधित बीमारियां, मधुमेह व अन्य जटिल बीमारियां विकसित होने में योगदान हो सकता है।
मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए एक वक्तव्य में अध्ययनकर्ता ओलिवर जे. रैंडो ने कहा कि बच्चों में कौन सी बीमारियां होने का खतरा है, इसका पता लगाने के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि बच्चे के मां के गर्भ में आने से पहले उसके माता-पिता ने क्या किया और वे किस तरह के वातावरण में रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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