6 दिसम्बर की बरसी पर हैदराबाद में बंद

हैदराबाद। अयोध्या में विवादित ढाचे को ध्वस्त किए जाने की 18वीं बरसी पर मुस्लिम संगठनों द्वारा बंद के आह्वान के परिणामस्वरूप हैदराबाद के कुछ हिस्सों में असर दिखाई दिया। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और शिक्षण संस्थान बंद हैं तथा सड़कों पर गिने-चुने वाहन दिखाई दे रहे हैं।

ऐतिहासिक चारमीनार के आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। लाड बाजार, गुलजार हौज, पत्थरगट्टी और मदीना जैसे लोकप्रिय इलाकों की हलचल गायब है। मलाकपेट, नामापल्ली, मेहिदपट्टनम और टोली चौकी जैसे इलाकों में भी बंद का असर दिखाई दे रहा है। लेकिन हैदराबाद के अन्य हिस्सों (सिकंदराबाद व आईटी केंद्र साइबराबाद) में सामान्य जन-जीवन बंद से अप्रभावित है।

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एमआईएम), मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी), तामीर-ए-मिल्लत और अन्य कई मुस्लिम राजनीतिक व धार्मिक संगठनों ने ध्वस्त ढाचे का, उसके मूल स्थान पर फिर से निर्माण करने की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया है।

इन संगठनों ने मुसलमानों और अन्य शांति समर्थक व धर्मनिरपेक्ष नागरिकों से शांतिपूर्ण बंद आयोजित करने की अपील की है। धार्मिक नेताओं ने ढाचे के पुनर्निर्माण के लिए मुसलमानों को विशेष नमाज अदा करने की सलाह दी है।

बंद के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए हैं और मंगलवार तक पांच या पांच से अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा पुलिस ने कुछ संगठनों को सभाएं, रैलियां और जुलूस निकालने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में, खासतौर से पुराने शहर में द्रुत कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों सहित पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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