लालू प्रसाद यादव का प्रोफाइल
1995 मे भी वे भारी बहुमत से विजयी रहे। 1997 मे जब सीबीआई ने उनके खिलाफ चारा घोटाला मे आरोप पत्र दाखिल किया तो उन्हे मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा। अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सत्ता सौंपकर वे राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष बने रहे, और अपरोक्ष रूप से सत्ता की कमान भी उनके हाथ ही रही| चारा मामले मे लालू को जेल भी जाना पड़ा, और उनको कई महीने तक जेल मे भी रहना पड़ा। 2004 लोकसभा चुनाव मे एनडीए की करारी हार के बाद लालू रेलमन्त्री बने।
रेल मंत्रालय संभालने के बाद तो लालू ने जैसे इस पर जादू की छड़ी घुमा दी। दशकों से घाटे में चला आ रहा रेल मंत्रालय अचानक अरबों रुपए के मुनाफे में आ गया। लालू यादव के इस कुशल प्रबंधन की चर्चा भारत ही नहीं पूरे विश्व में होती है। भारत के सभी प्रमुख प्रबंधन संस्थानों के साथ-साथ दुनिया भर के बिजनेस स्कूलों में लालू यादव के कुशल प्रबंधन से हुआ भारतीय रेलवे का कायाकल्प एक शोध का विषय बन गया है। हालांकि खुद लालू यादव के पास भी इस सवाल का जवाब नहीं है कि वह अपने इस हुनर का इस्तेमाल अपने गृह राज्य बिहार पर अपने लंबे शासनकाल के दौरान क्यों नहीं कर पाए?













Click it and Unblock the Notifications