अमन काचरू रैगिंग केस में दोषियों को 4 साल की सजा
आपको बता दें कि गुऱूवार को अमन काचरू केस में धर्मशाला कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। इस फैसले से एक सूनी मां की गोद तो नहीं भर पायेगी लेकिन उस के सुलगते कलेजे में थोड़ी ठंडक जरूर मिल जायेगी। साथ ही रैंगिग के नाम पर होने वाले कुकर्मों पर भी रोक लग सकेगी। सत्र अदालत ने गुरुवार को अमन काचरू रैगिंग मामले में मेडिकल कालेज के चारों आरोपी वरिष्ठ छात्रों को दोषी करार दिया है।
रैगिंग की यह घटना पिछले साल हिमाचल प्रदेश के टांडा में हुई थी। इस घटना में चोट के चलते कनिष्ठ छात्र अमन काचरू की मौत हो गई थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरिंदर वैद्य ने रैगिंग करने वाले चारों छात्रों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304(गैर इरादतन हत्या), 452 ( नुकसान पहुंचाने की तैयारी करने के बाद बिना इजाजत प्रवेश) और धारा- 34 (समान इरादा) के तहत दोषी ठहराया।
आज दोरहर तीन बजे तक इन चारों की सजा का भी ऐलान हो सकता है। आप क बता दें कि धर्मशाला से लगभग 15 किलोमीटर दूर टांडा स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के 19 वर्षीय छात्र अमन काचरू की अंतिम वर्ष के छात्रों अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा और मुकुल शर्मा द्वारा रैगिंग लिए जाने के बाद आठ मार्च 2009 को मौत हो गई थी।













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