अमरीका-रूस की कार्रवाई से करज़ई नाराज़

करज़ई ने इसे अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बताया. शनिवार को राष्ट्रपति करज़ई की ओर एक बयान जारी किया गया जिसमें आरोप लगाया गया है कि रूस की सेना के लोगों ने 'ग़ैरक़ानूनी' कार्रवाई में हिस्सा लिया. इसमें कहा गया है, ''अफ़ग़ानिस्तान मादक पदार्थों के ख़िलाफ़ अभियान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ है लेकिन किसी भी संस्था अथवा संगठन को बिना अफ़ग़ानिस्तान सरकार की अनुमति के ऐसा सैन्य अभियान चलाने का अधिकार नहीं है.''
उनका कहना था, ''ऐसी एकतरफ़ा कार्रवाई अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का स्पष्ट उल्लंघन है.'' दरअसल 21 वर्ष पहले सोवियत संघ का अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा समाप्त हुआ था और तब से रूस अफ़ग़ानिस्तान के लिए संवेदनशील मुद्दा है.
कार्रवाई
इधर रूस का कहना है कि छापे में एक टन से अधिक हेरोइन और अफ़ीम को नष्ट कर दिया गया जिसकी कीमत 250 मिलियन डॉलर थी. इसके पहले रूस गठबंधन सेनाओं पर आरोप लगाता रहा है कि वो मादक पदार्थों के ख़िलाफ़ बहुत कम कार्रवाई कर रहे हैं और इस तरह वे रूस के हेरोइन के शिकार लोगों की मदद नहीं कर रहे हैं.
रूस के मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि उनके एजेंटों ने गुरुवार के इस अभियान में हिस्सा लिया और पाकिस्तान सीमा से सटे जलालाबाद शहर के नजदीक मादक पदार्थों के एक बड़े अड्डे को नष्ट कर दिया. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस अभियान में अफ़ग़ानिस्तान के दल ने भी हिस्सा लिया लेकिन ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति कार्यालय को रूस की हिस्सेदारी के बारे में नहीं बताया गया.












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