आखिर भारत क्यों आ रहे हैं ओबामा?
बेंगलुरू। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का भारत दौरा 6 नवंबर को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रपति बनने के बाद ये ओबामा की पहली भारत यात्रा है।
दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश होने के नाते अमेरिका के हर कदम पर दुनिया भर की निगाहें टिकी होती हैं और विश्व पटल पर तेजी से उभरते से भारत के अमेरिका के साथ बढ़ते रिश्ते भी चर्चा का विषय रहते हैं।
एजेंडा-ए-ओबामा
ओबामा के भारत दौरे पर भी दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं। खास बात ये है कि आखिर ओबामा अपनी झोली में भारत के लिए क्या सौगातें लेकर आ रहे हैं? जाहिर है इसमे कुछ खास मुद्दों मसलन आतंकवाद के खिलाफ जंग और आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सैन्य रणनीति के तहत समझौते भी शामिल होंगे।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि ओबामा की भारत यात्रा का मुख्य एजेंडा आंतकवाद के खिलाफ एकजुट होना और आर्थिक सहयोग है। अमेरिका का ये भी कहना है कि वो भारतीय सेना के साथ सैन्य अभ्यासों को भी बढ़ावा देना चाहता है जिससे भारत-अमेरिका के संबंधों में और मजबूती आएगी।
अमेरिका ने खुद ये साफ कर दिया है कि भारत के विशाल अपभोक्ता बाजार पर अमेरिका की पैनी नजर है। अमेरिका भारत को एक बहुत बड़े निर्यात बाजार के रुप में देखता है। रक्षा सौदे से लेकर, निवेश, आउटसोर्सिंग, साझेदारी और निर्यात भारत-अमेरिका के बीच समझौते के बड़े मुद्दे हैं।
मजबूत होंगे संबंध?
अमेरिकी रक्षा मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कुछ समय पहले भारत को अमेरिका से लड़ाकू विमान खरीदने की पेशकश की थी। अमेरिका हथियारों का बहुत बड़ा सौदागर है और अपने बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा रक्षा बजट पर खर्च करता है।
एक तरफ अमेरिका भारत को हथियार बेचकर ये साबित करना चाहता है कि इससे भारत का रक्षा तंत्र मजबूत होगा। वहीं दूसरी ओर अमेरिका और पाकिस्तान के 'कभी गर्म कभी नर्म' संबंध भारत के लिए परेशानी का सबब हैं।
अमेरिका दिखाता है कि वो आतंकवाद के नाम पर कितना फिक्रमंद है और पाकिस्तान की नकेल कसने की कोशिश करता है तो वहीं समय-समय पर अमेरिका से पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक मदद भारत की पेशानी में बल डालने के लिए काफी है।
अब देखना ये है कि ओबामा कि भारत यात्रा किस तरह भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूती देंगे। अपने कमेंट करने के लिए नीचे बने कमेंट बॉक्स का उपयोग करें।












Click it and Unblock the Notifications