नन्हें बच्चों के आईआईटी के ख्वाब पूरे करेगा सुपर-30

संस्था का मानना है कि ऐसा करने से उसे अपने 'मिशन' के लिए मेधावी छात्रों को तलाशने में दिक्कत नहीं होगी। दरअसल, सुपर-30 ने इसलिए यह कदम उठाने की सोची है, क्योंकि उसे गरीब परिवारों से प्रतिवर्ष 30 मेधावी छात्रों को चुनने में अब दिक्कतें आ रही हैं। इस संस्था के संस्थापक आनंद कुमार कहते हैं कि गरीबी के कारण अधिकांश बच्चे निचली कक्षाओं में ही स्कूल छोड़ देते हैं। इसकी वजह से देश न जाने कितने प्रतिभाओं को खो देता उसकी कोई गिनती नहीं है।
आनंद का कहना है, "आज हमें 30 बच्चों को खोजने में कठिनाई आ रही है। यदि हम पांचवीं कक्षा से ही बच्चों को प्रशिक्षित करने लगे तो हमारे पास प्रतिभावान छात्रों की कोई कमी नहीं रहेगी और उन्हें हम स्कूली जीवन से ही आईआईटी के लिए प्रशिक्षित कर सकेंगे।"
वह कहते हैं, "हमारी योजना 'स्कूल फॉर फ्यूचर प्लानिंग' खोलने की है, जिसमें गरीब परिवारों के मेधावी छात्रों की पहचान कर उन्हें पांचवीं कक्षा से ही आईआईटी के लिए तराशा जा सके।"
यह पूछे जाने पर कि वे बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनके खाने-पीने व रहने तक का खर्च उठाते हैं और उन्हें मुफ्त में प्रशिक्षित करते हैं और अब आप स्कूल खोलने की बात कर रहे हैं। ऐसे में इसके लिए पैसे कहां से आएंगे? आनंद कहते हैं, "निश्चित तौर पर पैसे की कमी आड़े आएगी लेकिन मैंने उसकी तैयारी कर ली है।"
वह कहते हैं, "मैंने ऑनलाइन पढ़ाने की तैयारी की है। कई विदेशी संस्थानों ने इस सिलसिले में संपर्क साधा है। हाल ही अबू धाबी के एक प्रौद्योगिकी संस्थान से उसके छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाने का प्रस्ताव है, जिसे मैंने स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा मैं अपने अब तक के सफर के बारे में और आईआईटी तैयारियों के बारे में एक किताब लिखने जा रहा हूं। इसके लिए एक विदेशी प्रकाशक से बात भी हो चुकी है। इस तरीके से पैसे कमाए जाएंगे।"
यह पूछने पर कि क्या उन्होंने सरकार से कभी कोई मदद मांगी या उसकी तरफ से कोई पेशकश आई, आनंद कहते हैं, "सरकार से बस हम इतना चाहते हैं कि वह हमें सुरक्षा दे।" यह संस्था आईआईटी की चयन प्रक्रिया में सुधार भी चाहती है। इसी सिलसिले में आंनद ने इसी साल फरवरी में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी। उनका कहना है कि वह सरकारी स्तर मदद के साथ हौसलाअफजाई भी चाहते हैं।
गौरतलब है कि इस संस्था की शुरुआत वर्ष 2003 में की गई थी। इसके बाद से इसका रिकॉर्ड शानदार रहा है। अब तक इसने अपने यहां कुल 2010 छात्रों को दाखिला दिया जिनमें से 182 छात्र आईआईटी में प्रवेश पाने में सफल रहे। वर्ष 2009 और 2010 में सुपर-30 के सभी छात्रों को आईआईटी में प्रवेश मिला।












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