मनमोहन-राजपक्षे के बीच तमिल विस्थापितों के बारे में चर्चा

मनमोहन सिंह ने अपने अवास पर राजपक्षे एवं उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में भोज दिया, जिसमें श्रीलंकाई विदेश मंत्री जी.एल. पेइरिस एवं विदेश सचिव सी.आर. जयसिंघे शामिल हुए। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राजपक्षे ने मनमोहन सिंह को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ चलाए गए अभियान में विस्थापित लगभग 300,000 तमिल नागरिकों के पुनर्वास के लिए श्रीलंका सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
उन्होंने सिंह को आश्वस्त किया किया अल्पसंख्यक समुदाय को अधिकार देने के मुद्दे के राजनीतिक समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इन मुद्दों पर भारतीय विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा और उनके श्रीलंकाई समकक्ष जी.एल पेइरिस के बीच भी गुरुवार को वार्ता हुई थी।
कृष्णा ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि पेइरिस ने उन्हें जानकारी दी है कि देश में विस्थापितों की संख्या 300,000 से घटकर केवल 20,000 रह गई है।" कृष्णा ने कहा कि बातचीत के दौरान उन्होंने तमिलभाषी अल्पसंख्यकों को अधिकार देने मुद्दा उठाया और श्रीलंका के विकास में सहयोग की पेशकश की। उन्होंने कहा, "मैंने अधिकारों के हस्तांतरण का मुद्दा उठाया। अब जबकि संसदीय चुनाव वहां खत्म हो गए हैं, श्रीलंका सरकार के लिए तमिलभाषियोंका विश्वास जीतने का यह उपयुक्त समय है। उनकी चिंताएं और आशंकाएं दूर की जानी चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका सेना द्वारा पिछले साल लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ चलाए गए अभियान में लाखों की संख्या में लोग विस्थापित हो गए थे। इनमें से ज्यादातर तमिल हैं। इन लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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