येदियुरप्पा ने फिर जीता विश्वास मत

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 106 मत मिले जबकि विपक्ष को महज 100 वोट ही मिल सके। बहुमत साबित करने के लिए 105 मतों की जरूरत थी। राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने बुधवार को मुख्यमंत्री को दूसरा मौका देते हुए 14 अक्टूबर तक विधानसभा में फिर से बहुमत साबित करने के लिए कहा था।
इससे पहले राज्य के दो प्रमुख दलों कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने विश्वास मत के बहिष्कार की धमकी दी थी हालांकि बाद में दोनों ने मतदान में हिस्सा लिया। कांग्रेस आखिरी मौके तक मतदान को लेकर ना-नुकुर करती रही।
येदियुरप्पा सरकार के बहुमत साबित करने के बाद अब निगाहें उच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी हैं। यदि अदालत ने पांचों निर्दलीय विधायकों की अयोग्यता के खिलाफ फैसला दे दिया तो इस सरकार का भविष्य अधर मे पड़ जाएगा। निर्दलीय विधायकों की याचिका पर 18 अक्टूबर को सुनवाई होनी है।
गौरतलब है कि सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के. जी. बोपैया ने विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले 16 बागी विधायकों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार दिया था और इसके बाद येदियुरप्पा सरकार ने ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल कर लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications