माफ़ी मांगे नैटोः गिलानी

हफ़ीज़ चाचड़
बीबीसी हिंदी संवाददाता, इस्लामाबाद
माफ़ी नहीं मांगने पर पाकिस्तान ने कार्रवाई की बात कही है
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय सेना की ओर से पाकिस्तानी इलाक़ों में कार्रवाई पर माफ़ी की मांग की है.
उन्होंने शुक्रवार को संसद में कहा, "सीमा पार से हमला पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है, वह इस पर माफ़ी मांगे वरना पाकिस्तान दूसरे विकल्प इस्तेमाल कर सकता है."
उन्होंने बताया कि उनकी सरकार आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करेगी.
विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के सांसद क़ादिर बलोच के सवाल का जबाव देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "गुरूवार को अमरीकी सीनेटर जॉन कैरी से मेरी बात हुई और उनको स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि अमरीका पाकिस्तान के साथ सहयोग करे और यदि उसके पास कोई सूचना है तो पाकिस्तान को दे."
उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का भी कहना है कि ब्रशल्स में पाकिस्तानी राजदूत को पाकिस्तानी इलाक़ों में नैटो सेना की कार्रवाई पर नैटो मुख्यालय में विरोध दर्ज करवाने का आदेश दिया गया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि इस प्रकार का सीमा उल्लंघन और हमला स्वीकार्य नहीं है और पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई पर विचार कर सकता है.
दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद नैटो सेना ने माना है कि उसके हेलीकॉप्टर अफ़ग़ान सीमा के पास पाकिस्तानी इलाक़े में कार्रवाई में शामिल थे.
ग़ौरतलब है कि गुरुवार को हुए हमले में तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और तीन अन्य घायल हुए थे.












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