राष्ट्रपति राजपक्षे से क्षमा की अपील नहीं : अनोमा
पूर्व सेना प्रमुख के कोर्ट मार्शल के बाद राष्ट्रपति ने भी उनकी सजा को स्वीकृति दे दी है। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद फोनसेका को गुरुवार देर रात कोलंबो शहर स्थित वेलीकडा के अति सुरक्षित जेल में स्थानांतरित किया गया।
पूर्व सेना प्रमुख की पत्नी अनोमा फोनसेका ने कहा, "राष्ट्रपति से उन्हें क्षमा देने के लिए हमारी अपील की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।"
अनोमा शुक्रवार को डेमोक्रेटिक नेशनल एलायंस के 200 समर्थकों के साथ जेल मुख्यालय के बाहर अपने पति को जेल में स्थानांतरित होते देखने आई थीं। फोनसेका को नौसेना मुख्यालय से पकड़ने के बाद उन्हें गत आठ फरवरी से सेना की हिरासत में रखा गया था।
अनोमा की यह प्रतिक्रिया एक स्थानीय समाचार पत्र में रक्षा सचिव गोतभ्या राजपक्षे के छपे उस बयान के बाद आई है, जिसमें रक्षा सचिव ने कहा है कि राष्ट्रपति पूर्व सेना प्रमुख की सजा पर फिर से विचार कर सकती हैं।
रक्षा सचिव, जो राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे के भाई हैं के हवाले से समाचार पत्र ने लिखा है कि फोनसेका का मामला कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और न ही इसे प्रदर्शनों या किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से हल किया जा सकता है।
वहीं, अनोमा ने अपने पति की सजा को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति की इच्छा के अनुरूप उनके पति को सजा हुई है।
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने में पूर्व सेना प्रमुख ने अहम भूमिका निभाई थी। बाद में उनकी राष्ट्रपति से दूरियां बढ़ गई थीं और उन्होंने चुनावों में राष्ट्रपति को चुनौती दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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