मेघालय ऋण घोटाले में 5 दोषी करार
विशेष न्यायाधीश एस.आर. सेन ने पांचों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
ज्ञात हो कि इन आरोपियों के खिलाफ 1992 में मामला दर्ज हुआ था और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत मार्च,1994 में आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
पीएनबी के तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक वी.के. रंगाचार्युलु को शिलांग स्थित मेसर्स त्रिकोण होटल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को बकाया से मुक्त बताते हुए उसके पक्ष में ऋण स्वीकृत करने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 69.75 लाख रुपये अग्रिम राशि देने का दोषी माना गया।
कंपनी ने शिलांग में थ्री-स्टार होटल बनाने के लिए 1988 में ऋण लिया था।
सीबीआई के वकील वी.के. जिंदल ने कहा कि राशि ऋण के तौर पर ली गई, लेकिन उसका कभी उपयोग नहीं किया गया।
रंगाचार्युलु और हरि नारायण वधवा को 22 वर्ष पुराने इस घोटले का मुख्य दोषी करार दिया गया है, जबकि असम स्थित महालेखाकार कार्यालय के वरिष्ठ लेखाकार जाहर लाल दास को ऋण राशि स्वीकृत करने के लिए दोषी माना गया।
इस मामले में मेसर्स त्रिकोण होटल के तत्कालीन निदेशक धीरेश कुमार चक्रवर्ती, शिलांग के अपरेश पुरकायस्थ और अपरेश डी. पुरकायस्थ को भी दोषी करार दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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