पश्चिमी उप्र में बाढ़ से हालात गंभीर

प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बरसात और उत्तराखंड के कालागढ़, नंद सागर, भमगोड़ा बांध से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर और फरुखाबाद जिलों में रामगंगा और कोसी नदी उफान पर हैं, जिससे इन जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
बिजनौर के अपर जिलाधिकारी रेवा राम सिंह ने बताया कि जिले के तीन तहसीलों के करीब 40 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। अफजलगढ़ गांव में एक व्यक्ति की बाढ़ से मौत हो गई। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
सिंह के मुताबिक धामपुर के पास रामगंगा नदी पर बने हरवेली बैराज का एक हिस्सा तेज बहाव के कारण टूट गया जिस कारण पास के गांवों में पानी घुस गया। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पिछले दो दिन से अफजलगढ़ के पास पानी में डूबा हुआ है।
मुरादाबाद जिले के मूढ़ापांडे में कोसी के उफान पर आने से नई दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-24 भी गत दो दिनों से जलमग्न है। वाहनों को रामपुर होकर दिल्ली भेजा जा रहा है। मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, अमरोहा, शाहजहांपुर और फरुखाबाद में भी रामगंगा व कोसी उफान पर हैं, जिससे इन जिलों के निचले इलाकों के करीब 100 से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
उधर उत्तराखंड स्थित बनबसा बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा और शारदा का जलस्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ गया है। बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी व बस्ती जिले पहले से घाघरा और शारदा का कहर झेल रहे हैं। यहां बाढ़ से करीब 350 से ज्यादा गांवों की तीन लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने इन जिलों में बाढ़ से 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है।












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