धर्म हाशिए पर है: पोप

सेंट्रल लंदन में वेस्टमिन्सटर हॉल में सांसदों के अलावा बड़े सामाजिक नेता और धार्मिक नेता उपस्थित थे.वे वेस्टमिन्सटर जाने वाले पहले पोप हैं और वहाँ उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रुप से एक महिला पादरी से हाथ मिलाया.बीबीसी संवाददाता पीटर हंट का कहना है कि पोप का भाषण लोगों से अपील थी जिससे कि धर्मनिरपेक्ष समाज कहीं धर्म को दरकिनार न कर दे.
अपने भाषण में पोप बैनेडिक्ट ने वहाँ उपस्थित लोगों से अपील की कि वे आस्था और धर्म को सार्वजनिक जीवन के हर स्तर पर बढ़ावा दें.उनका कहना था, "कुछ लोग इस बात की वकालत कर रहे हैं कि धर्म की आवाज़ को ख़ामोश कर दिया जाए या फिर उसे जीवन के एकदम निजी हिस्से तक सीमित कर दिया जाए."
उनका कहना था, "कुछ लोग तर्क देते हैं कि जो लोग सार्वजनिक रुप से अपने धार्मिक उत्सव मनाते हैं, जैसे कि ईसाई, तो इससे वे लोग आहत होते हैं जो किसी और धर्म को मानते हैं या फिर किसी भी धर्म को नहीं मानते."उन्होंने चेतावनी दी कि धर्म को हाशिए पर धकेलने की वजह से ब्रिटेन में लोकतंत्र का भविष्य ख़तरे में पड़ गया है.
पोप ने ये भावनाएँ ऐसे समय में व्यक्त की हैं जब महिला पादरियों की नियुक्ति की वजह से एंजेलिकन चर्च के रिश्ते रोम के साथ कुछ तनावपूर्ण बने हुए हैं.लेकिन उन्होंने कहा कि वे एंजेलिकन और कैथोलिक चर्चों के मतभेदों की बजाय उनकी गहरी दोस्ती पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं.उन्होंने कहा कि इसके ज़रिए वे धर्मनिरपेक्षता के ख़तरों से लड़ना चाहते हैं.












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