अफगानिस्तान में विस्फोटों के बीच मतदान (लीड-2)

समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार खासकर उत्तरी और पूर्वी अफगानिस्तान में हुए हमलों में दर्जनों लोग मारे गए और कई घायल हुए। तालिबान ने दावा किया कि उसके लड़ाकुओं ने मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू नहीं होने दिया।

एक मतदाता मोहम्मद हारून (28) ने बताया, "सुबह जब मैं अपने घर से आया, मुझे पता चला कि तालिबान मतदाताओं पर हमले की कोशिश करेंगे, लेकिन इस देश के नागरिकों को स्थायित्व प्रक्रिया में भागीदारी करने का पूरा हक है।"

मध्य कबुल के एक स्कूल के बाहर कतार में खड़े हारून ने कहा कि यदि शांति चाहिए तो अफगानों को राष्ट्रीय प्रक्रिया में भाग लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "यदि हम बाहर नहीं निकलेंगे और आज तालिबान के हमलों से बेखौफ होकर वोट नहीं डालेंगे तो कल वे आएंगे और हमारे घरों पर हमला करेंगे।"

प्रारंभिक सूचना के मुताबिक मतदान धीमा रहा और समूचे देश में मतदान हल्के तौर पर हुआ, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि बाद में मतदान ने रफ्तार पकड़ा।

दक्षिणी शहर कंधार में मतदाता मोहम्मद अनवर (52) ने कहा, "सुबह मैंने अपने बेटे से कहा कि वह घर में ही रहे और मैं बाहर निकलकर देखता हूं, अगर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही, तभी हम वोट डाल सकेंगे। मुझे लगता है कि आज जैसा ही सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त रहे तो काफी लोग हिम्मत दिखाएंगे।"

राष्ट्रपति हामिद करजई ने काबुल के अमानी हाईस्कूल के मतदान केंद्र पर अपना वोट डालकर मतदान की शुरुआत करते हुए अफगानों से अपील की कि वे हिम्मत दिखाएं और हमलों से बेखौफ होकर मतदान करें।

उन्होंने कहा, "जैसा कि हर चुनाव में हमारी उम्मीद रहती है कि काफी संख्या में लोग मतदान करेंगे और सुरक्षात्मक घटनाओं से भयभीत नहीं होंगे। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी वैसा ही होगा।"

सुरक्षा बलों को सचेत कर दिया गया है। देश के 34 प्रांतों में 6,000 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के लिए लगभग 63,000 सेना के जवानों एवं 52,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

लगभग 1,000 मतदान केंद्र बंद हैं। अधिकरियों ने कहा है कि नौ जिलों में मतदान कराना काफी जोखिम भरा कार्य है।

समाचार एजेंसी सिन्हु़आ के अनुसार एक अधिकारी ने बताया कि मतदान शुरू होने से पहले रॉकेट दागा जाना मतदाताओं में दहशत पैदा करने का प्रयास था।

काबुल पुलिस की अपराध जांच विभाग के प्रमुख अब्दुल जाकिर ने बताया कि यह घटना स्थानीय समयानुसार तड़के चार बजे की है। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है।

यह रॉकेट सरकारी प्रसारण सेवा 'रेडियो टीवी अफगानिस्तान' (आरटीए) की इमारत से टकराया। यह इमारत अमेरिकी दूतावास और नाटो मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित है।

उधर, तालिबान की धमकी के बावजूद मतदान तय समय से शुरू हुआ। संसद के निचले सदन वोलेसी जिरगा की 249 सीटों पर हो रहे चुनाव में 2,500 से अधिक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसमें 1.25 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इस बार के चुनाव में लगभग 400 महिला उम्मीदवार भी हैं। मतदान के लिए लगभग 6,000 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

तालिबान ने मतदाताओं को धमकी देने के साथ ही मतदान केंद्रों पर विस्फोट करने की भी बात कही है। यह चुनाव राष्ट्रपति हामिद करजई के लिए भी एक कड़ा इम्तिहान है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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