वित्तीय समावेश के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करें बैंक
वित्तीय समावेश के क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने यह निर्देश दिया। आधिकारिक बयान के मुताबिक शुक्रवार को आयोजित हुई इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दूरदराज के इलाकों तक शीघ्रता और प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मार्च 2012 तक देश के 2,000 से ज्यादा आबादी वाले 73,000 गांवों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करके बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयास करने की जरूरत है।
वर्ष 1991 में वित्त मंत्री बनने से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर रह चुके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "इस प्रयास से ग्रामीण भारत देश के वित्तीय क्षेत्र से पूरी तरह जुड़ पाएगा।"
देश में फिलहाल बैंकों की 32,000 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। फरवरी में प्रस्तुत किए गए आम बजट में सरकार ने 2,000 से ज्यादा आबादी वाले सभी गांवों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications