दिल्ली में विवाह के नियमों में ढील
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा, "अधिसूचना जारी होने के बाद युगल यहां आसानी से विवाह कर सकते हैं।" राजस्व विभाग की पहल पर सोमवार को हुई एक चर्चा के बाद मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया। वैसे राजस्व विभाग विवाह की पुरानी शर्तो को ही जारी रखना चाहता था।
दिल्ली हिंदू विवाह पंजीकरण नियम, 1956 के मुताबिक अब तक यहां विवाह पंजीकरण के लिए केवल तभी आवेदन किया जा सकता था जब लड़का-लड़की दोनों या उनके माता-पिता उनके विवाह के कम से कम 30 दिन पहले से राजधानी में रह रहे हों।
अधिकारियों का विश्वास है कि इससे एक ही गोत्र में विवाह करने की ख्वाहिश रखने पर खाप पंचायतों के गुस्से का शिकार बनने वाले जोड़ों को मदद मिलेगी।
इसके अलावा अब इन जोड़ों के लिए उनकी शादी में आने वाली रुकावटों या उनके परिवार वालों के प्रतिशोध के खिलाफ पुलिस सुरक्षा लेना आसान हो जाएगा।
देश में हाल ही में सम्मान के नाम पर अनेक मामले सामने आए हैं। खाप पंचायतें एक ही गोत्र में विवाह को स्वीकृति नहीं देती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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