भक्तों को भा रही हैं मिट्टी, कागज से बनी गणेश मूर्तियां
मुंबई, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। भगवान गणेश की मूर्तियां जल में विसर्जित करने पर पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान से अब ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है। इस बार भक्तों को मिट्टी और कागज व प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियां ज्यादा पसंद आ रही हैं।
पर्यावरण के प्रति सचेत श्रद्धालुओं ने तय कर लिया है कि इस बार का 10 दिवसीय गणेश चतुर्थी का आयोजन पर्यावरण के लिए खतरनाक न हो।
मुंबई में कार्यरत एक संस्था 'अनिरुद्ध उपासना ट्रस्ट' ने इस साल पारंपरिक प्लास्टर ऑफ पेरिस के स्थान पर कागज की लुगदी से 6,000 गणेश मूर्तियों का निर्माण किया है।
ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मंत्री ने बताया, "वर्ष 2003 में यह विचार उस समय आया जब शहर में प्लास्टर ऑफ पेरिस की टूटी-फूटी मूर्तियों का निपटान मुश्किल हो गया। हमारे स्वयंसेवकों को बाद में समुद्री किनारों की सफाई करने में कोई परेशानी नहीं थी लेकिन मूर्तियों को टूटी-फूटी अवस्था में तटों पर देखना दुखी करने वाला होता है।"
उल्लेखनीय है कि गत शनिवार को उत्साहपूर्ण माहौल में शुरू हुए गणेश चतुर्थी उत्सव में भगवान गणेश की मूर्तियां मुंबई की गलियों और चौराहों पर स्थापित की गई हैं। गणेशोत्सव के अंतिम दिन इन मूर्तियों को जल में विसर्जित किया जाएगा।
प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के विघटन में 15 दिन से लेकर एक महीने तक का समय लग सकता है और इससे समुद्री जीवन को बहुत नुकसान पहुंचता है। दूसरी ओर मिट्टी और कागज से बनी मूर्तियां एक दिन या उससे कम समय में ही विघटित हो जाती हैं और उनसे जल प्रदूषण भी कम होता है।
सुनील ने बताया, "हमारे गुरु अनिरुद्ध बापू ने हमें भगवान गणेश के मंत्रों वाली पुस्तकों से मूर्तियों का निर्माण करने की सलाह दी। श्रद्धालुओं से सालभर में मिली पुस्तकों से कागज की लुगदी बनवाकर उससे ये मूर्तियां बनाई गईं।"
इन मूर्तियों की ऊंचाई चार फुट तक है और 350 से 4,000 रुपये कीमत में ये मिल रही हैं।
वहीं, मूर्तियों से पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अन्य गैर सरकारी संस्थाओं ने कार्यशाला का आयोजन किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पूर्व छात्रों की पहल पर पवई स्थित एक गैर सरकारी संस्था 'नवसृजन गणेश महोत्सव' और एक अन्य एनजीओ 'विद्या' ने झील की मिट्टी से लोगों को मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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